परीक्षण के बाद पूरी तरह तैयार हुआ प्रदेश का यह तीसरा साइलो गोदाम
अनाज भंडारण की समस्या होगी दूर, पड़ोसी जिलों को भी मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गेहूं खरीद चरम पर है। साइलो गोदाम भी परीक्षण के दौर से गुजर कर 50 हजार एमटी गेहूं के भंडारण के लिए तैयार हो गया है। टिनिच रेलवे स्टेशन के पास भारतीय खाद्य निगम का यह साइलो गोदाम लखनऊ व हापुड़ के बाद प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा गोदाम साबित होगा।
भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में अनाज भंडारण क्षमता की कमी और उचित रख-रखाव के अभाव में हर साल देश के कई गोदामों में लाखों टन अनाज बारिश एवं चूहों के कारण बर्बाद हो जाता है। एफसीआई में रखी गई खाद्यान्नों की गुणवत्ता ज्यादा दिनों तक बरकरार रखने के लिए लखनऊ व हापुड़ के बाद बस्ती को स्टील साइलो गोदाम की सुविधा मिल गई है।
इसके लिए भारतीय खाद्य निगम व रेलवे की संयुक्त टीमों ने अपने-अपने जिम्मे के कार्यों को पूरी कर लिया है। इस गोदाम का पूजन भी अधिकारियों ने करवा दिया है। जिले में हर साल औसतन 125 हजार एमटी गेहूं की खरीद होती है, लेकिन भंडारण के लिए आसपास जिलों के अलावा गोरखपुर के गोदामों की मदद ली जाती थी।
यही हालात राज्य के लगभग हर संभागीय जिलों में थे। इस समस्या को दूर करने के लिए शासन ने प्रदेश में 16 साइलो गोदामों के निर्माण की योजना बनाई। लखनऊ व हापुड़ के बाद 640 करोड़़ रुपये से स्टील साइलो गोदाम का निर्माण टिनिच रेलवे स्टेशन से 300 मीटर की दूरी पर किया गया है।
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साइलो गोदाम की ये हैं खूबियां
भारतीय खाद्य निगम के तकनीकी जानकारों के अनुसार, स्टील साइलो गोदाम पूरी तरह कंक्रीट से तैयार हुआ है। उसके अंदर दस-दस हजार एमटी क्षमता वाले बेलनाकार स्टील के पांच टैंक बनाए गए हैं। इसमें न तो नमी होती है और न ही अनाज में बीमारियां लगती हैं। किसी भी मौसम में इसका तापमान एक जैसा ही रहेगा। खाद्यान्न को बीमारियों से बचाने के लिए प्रयोग की जाने वाली औषधियां भंडारण गृहों को खोले बिना स्वचालित तकनीक से मिलाई जाएंगी। स्टील साइलो टैंक में बिना बोरी के लंबे समय तक अनाज स्टोरेज किया जा सकता है। जब गेहूं लेकर ट्रक व मालगाड़ी की बोगियां पहुंचेंगी तो डोंगे में पड़ने के बाद उसकी सफाई व छंटाई का काम मशीन खुद कर देगी। साफ-सुथरा गेहूं स्वतः गोदाम में पहुंच जाएगा।
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कोट
हरियाणा की एनसीएमएल कंपनी ने साइलो गोदाम का निर्माण पूरा कर ट्रायल व पूजन कर लिया है। इस बार गेहूं का भंडारण करवाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं।
-धीरज सिंह, प्रबंधक, एफसीआई