जयकारे लगा, अबीर-गुलाल उड़ाकर किया मूर्तियों का विसर्जन
बस्ती। दुर्गा पूजा के मौके पर स्थापित मूर्तियों को विजय दशमी पर विसर्जित किया गया। बारिश के बीच जुलूस निकालकर लोग थिरकते, जयकारे लगाते और अबीर-गुलाल उड़ाते हुए मूर्तियों के साथ विसर्जन स्थल पहुंचे। उसके बाद मूर्तियां विसर्जित की गईं। विसर्जन स्थलों पर बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही। कई घाटों पर रात में विसर्जन के लिए प्रकाश की व्यवस्था की गई थी।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुुसार, छावनी थाना क्षेत्र में 60 मूर्तियां स्थापित कराई गई थीं। घघौवा चौकी क्षेत्र नियामतपुर, अमोलीपुर, दुभरा निर्वाहन, फूलडीह आदि की मूर्तियां सरयू नदी के ठोकर नंबर 10 पर विसर्जित की गईं। थानाध्यक्ष उमाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि 59 मूर्तियां विसर्जित की गईं। एक मूर्ति पूर्णमासी को विसर्जित की गई जाएगी।
रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र के 151 मूर्तियां स्थापित की गईं थीं। 94 मूर्तियां का विसर्जन दशमी को संपन्न हुआ। शेष 57 मूर्तियां पूर्णिमा को विसर्जित की जाएंगी। एसडीएम आनंद सिंह श्रीनेत ने बताया कि विसर्जन के दौरान माहौल सामान्य रहा।
टिनिच प्रतिनिधि के अनुसार, पुलिस चौकी में स्थापित की गई 23 मूर्तियां का विसर्जन विजय दशमी पर बाराह क्षेत्र घाट, ककरहा घाट, महादेवा घाट, शिवाघाट, अटरा घाट पर किया गया।
लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार, कुआनो नदी के गौराघाट व बानपुर घाट पर लालगंज तथा मुंडेरवा थाना क्षेत्र की 30 मूर्तियां विसर्जित की गईं। सुुरक्षा व्यवस्था में सीओ रूधौली प्रीती खरवार, नायब तहसीलदार सदर कृष्ण कुमार मिश्रा, थानाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
हर्रैया प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में मनोरमा नदी घाट, सिंदुरिया घाट, पेंदाघाट, पंडितपुरवा आदि जगहों पर मूर्तियां विसर्जित की गईं। इस मौके पर एसडीएम गुलाब चंद्र तहसीलदार इंद्रमणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी संजय राव, सीओ शेषमणि उपाध्याय मौजूद रहे।
दुबौलिया थाना क्षेत्र में स्थापित 135 मूर्तियों में से 130 का विसर्जन चांदपुर, कटरिया, अशोकपुर, पंडूल घाट, परखती, गौरा, मोजपुर, पिपरौल सहित 13 जगहों पर संपन्न हुआ। महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार, बैरवाघाट, मुर्दहवा घाट, भुड़कुलगंज में मूर्तियों को विसर्जित किया गया।
मानिकचंद प्रतिनिधि के अनुसार, बांसी मार्ग पर स्थित बालोडिहा कठनाईया नदी के पुल पर मूर्तियों का विसर्जन किया गया। कलवारी प्रतिनिधि के अनुसार, कटौआ पुल, चक दहिया, गायघाट मार्ग, कलवारी मुस्तहकम, पाऊं आदि जगहों पर मूर्तियों का विसर्जन किया गया।