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Basti News: केस में तीसरे शख्स की कोई भूमिका नहीं, गवाह बनाएगी पुलिस

Thu, 30 Nov 2023 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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महिला अधिकारी प्रकरण: आरोपी घनश्याम ने तीसरे शख्स पर फोड़ा था ठीकरा, जांच में झूठ पाए गए आरोप
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बस्ती। महिला अधिकारी की तरफ से दर्ज कराए गए केस में जेल भेजे गए निलंबित नायब तहसीलदार की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। केस में तीसरे शख्स के सिर पर ठीकरा फोड़ने की उसकी कोशिश को पहले ही झटका लग चुका है। अब पुलिस उसी तीसरे शख्स को गवाह बनाने जा रही है, जिसे आरोपी घनश्याम खलनायक के तौर पर पेश करने की कोशिश कर चुका है। यानी केस की सुनवाई के दौरान आरोपी घनश्याम के खिलाफ वही तीसरा शख्स न्यायालय में गवाही देगा।
मामले के विवेचक का साफ कहना है कि पीड़िता की जिस तहरीर पर दर्ज एफआईआर की तफ्तीश की जा रही है, उसमें आरोपी घनश्याम के अलावा किसी तीसरे का जिक्र नहीं है। विवेचना में तकनीकी साक्ष्यों में भी घटना के समय पीड़िता के अलावा सिर्फ घनश्याम शुक्ला की मौजूदगी पाई जा रही है। जहां तक तीसरे शख्स से आरोपी घनश्याम के बीच अपशब्दों का प्रयोग करते हुए वार्तालाप और दोनों में रंजिश का सवाल है तो उसका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है। वह इन दोनों लोगों के आपस की बात है, जिसके बारे में फिलहाल जांच करने का कोई औचित्य नहीं है। चूंकि उस तीसरे शख्स की घटना के बाद सुबह पांच बजे मौजूदगी और पीड़िता से उसकी बातचीत की बात सामने आ चुकी है तो उसे पुलिस गवाही के तौर पर इस्तेमाल करने का मन बना चुकी है।
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11/12 नवंबर की रात हुई घटना के संबंध में 17 नवंबर को पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल और न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया था। तब तक किसी तीसरे शख्स की चर्चा नहीं थी। बाद में डीएम स्तर से गठित विशाखा कमेटी की जांच के दौरान आरोपी घनश्याम शुक्ल ने चौकाने वाला बयान देकर मामले को दूसरी तरफ घुमाने का प्रयास किया कि इस केस का असली सूत्राधार तीसरा शख्स है। जो उसे भी फोन करके धमकी देता है और अपशब्द बोलता है। बयान में कहा कि पीड़िता से किसी तीसरे शख्स से विवाद होने की बात सुनकर वह महिला अधिकारी के आवास में पहुंचा था। वहां से एक व्यक्ति निकलकर भागा। मगर पुलिस ने जांच किया तो पता चला कि घटना के समय तीसरा कोई वहां गया ही नहीं। घटना के ढाई-तीन घंटे बाद उतरौला से पीड़िता की मदद करने वह पहुंचा था।
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पुलिस ने लिखित बयान जारी करके बताया कि इस केस में तीसरे किसी व्यक्ति की भूमिका नहीं है,बल्कि आरोपी घनश्याम में भ्रमित करने के लिए उसका जिक्र किया। पुलिस के इस रुख से तभी से लगने लगा था कि कथित तीसरे शख्स की तरफ पुलिस का साॅफ्ट कार्नर है। पुलिस उसे पीड़िता का हमदर्द,मददगार के रूप में देख रही है। हालांकि यह उम्मीद नहीं थी कि पुलिस उसे गवाह बनाएगी। मगर जांच की दिशा अब उसी तरफ मुड़ी दिख रही है।
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