लालगंज के चिलवनिया व कलवारी के गोसैसीपुर में हाल में हुई घटना
- थानों में सबसे ज्यादा जमीन के विवाद में मारपीट के केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जमीन विवाद में देवरिया की दिल दहला देने वाले नरसंहार जैसी घटना तो जिले में हुई तो नहीं है, लेकिन मारपीट और हत्या की फेहरिस्त यहां भी लंबी है। पिछले पांच साल में जमीन के झगड़े में 23 लोगों की जान जा चुकी है। ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता कि इसे लेकर दो-चार गांवों में मारपीट न होती हो। लालगंज थाने के चिलवनिया और कलवारी थानाक्षेत्र के गोसैसीपुर की घटना को एक महीने भी नहीं हुए। गोसैसीपुर में आबादी की जमीन तो चिलवनिया में घर के सामने रास्ते की जमीन को लेकर खूनी संघर्ष सामने आ चुका है। गोसैसीपुर में घटना के बाद प्रशासन की तरफ से पूरे गांव की पैमाइश कराने का आश्वासन दिया गया था लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
जमीन को लेकर विवाद की बात करें तो बुधवार को ही जिले के कोतवाली, दुबौलिया, रुधौली व मुंडेरवा थानाक्षेत्र में मारपीट के 20 से अधिक लोगों पर केस दर्ज हुए। इतना ही नहीं, थाना समाधान दिवस हो तहसीलों में आयोजित होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस, सभी जगह जमीन से जुड़े विवाद की दरखास्त सबसे ज्यादा आ रही है। रोजाना थानों में प्रार्थनापत्र लेकर पहुंचने वाले पीड़ितों में भी सबसे ज्यादा तादाद खेत-मेड़ के विवाद के होते हैं।
कब्जा मुक्त कराने के लिए भटक रहा परिवार
- थाना क्षेत्र के कड़जा अजमतपुर का है जहां दबंगों द्वारा शिवचरण की जमीन पर कब्जा कर लिया गया, बाद में कोर्ट ने भी जमीन का मालिकाना हक शिवचरण के हक में बताया। धारा 24 के पैमाईश के बाद पत्थर नसब का काम पूरा हुआ जिसके बाद दबंगों ने पत्थर को उखाड़ फेंका, तहरीर पर पुलिस ने दबंगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया, दुबारा फिर पत्थर नसब का काम पूरा हुआ. दबंगों ने एक बार फिर उसे उखाड़ फेंका लेकिन कब्जा की गई जमीन को प्रशासन मुक्त नहीं करा पाया। इसे लेकर कलेक्ट्रेट में धरना देने परिवार पहुंचा था। जिसे आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
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गोसैसीपुर में काट दिया था बाप-बेटे का पंजा
- 10 फरवरी को कलवारी थाने के गोसैसीपुर में आबादी की जमीन को लेकर राम मिलन और उनके बेटे पर गांव के विपक्षियोंं ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार लेकर हमला बोल दिया था। आबादी की जमीन पर मकान बनाने के विवाद को लेकर वहां लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले को लटकाए हुए था। इसी बीच यह घटना हो गई। जिसमें राम मिलन को जान गंवानी पड़ी।
बड़े भाई को उतार दिया मौत के घाट
- चिलवानिया गांव में छह मार्च को सुबह 70 वर्षीय प्रवेश कुमार सिंह को उनके छोटे भाई राजमणि सिंह और उनके बेटों ने जमीन के झगड़े में मौतम के घाट उतार दिया था। दरवाजे के सामने मिट्टी पाटते समय राम प्रवेश ने मना किया था। दोनों भाइयों में कहासुनी के बीच लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर चलने लगे। इससे प्रवेश कुमार के सिर में चोट लगने सें वह गिरकर बेहोश हो गए। पुलिस की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया था।
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सभी थानेदारों को किया गया अलर्ट
- आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि सभी थानेदारों को अलर्ट किया गया है। उन्हें कहा गया है कि बीट पुलिस ऑफिसर और चौकीदारों के जरिये जमीन संबंधी विवाद और तनाव की जानकारी लेते रहें। जहां भी विवाद बढ़ने की आशंका हो वहां पहले ही एहतियाती कदम उठाने में संकोच न करें।