नवरात्रि में पूजा पर भी महंगाई का साया
बस्ती। शारदीय नवरात्रि में फलाहार की थाली से लेकर पूजा की सामग्री पर महंगाई डायन का साया पड़ गया है। महंगाई की मार की ही देन है कि चंदन, धूप, अगरबत्ती से लेकर फलों तक के दाम में काफी इजाफा हो गया है। नवरात्रि से पहले इनमें काफी चीजों का दाम 25 से 35 फीसदी तक कम था।
आम लोगों के फलाहार की थाली से सेब, अनार जैसे फल दूर हो गए हैं। चार दिन पहले तक 60-70 रुपये किलो बिकने वाले अच्छे सेब की कीमत सौ से 120 रुपये किलो तक हो चुकी है। गली-मोहल्ले में ठेले पर सौ रुपये का ढाई किलो बिकने वाले सेब का भाव भी 70 रुपये किलो पहुंच चुका है।
अगर नवरात्रि में फलाहार में इस्तेमाल की जाने वाली खाद्य सामग्री की बात करें तो कुट्टू का आटा पिछली बार 90 से 100 रुपये प्रति किलो था। उसके दाम अब 100 से 120 रुपये प्रति किलो है। इसके साथ ही मखाने के दाम भी 650 से 670 रुपये प्रति किलो तक है। सिंगाड़े का आटे के दाम भी 160 रुपये से अधिक है।
पूजन सामग्री विक्रेता अखिलेश यादव ने बताया कि पहले नारियल जहां 20 से 30 रुपये में मिल रहे थे, अब इसकी कीमत 40 रुपये तक हो गई है। जौ की थैली जो 5-10 रुपये तक में मिल रही थी, इस बार यह 10-15 रुपये की मिल रही है। 450 रुपये किलो में बिकने वाला घी 530 में मिल रहा है। कलश 15 से 20 रुपये में मिलता था, वह अब 30 से 50 रुपये में मिल रहा है।
पूजन सामग्री के भी बढ़े दाम
नवरात्रि में पूजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दामों में भी वृद्धि हुई है। सबसे अधिक दाम तिल के तेल के बढ़े हैं। तिलों के तेल का दाम 160 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह नारियल 45 से 50 रुपये, छोटी चुनरी 20 से 25, कलावा,10, कपूर के पैकेट के दाम 40 रुपये हैं।
फलाहारी थाल से व्यंजन कम, कीमत ज्यादा
इस बार रेस्तरां में मिलने वाली नवरात्रि की थाली पर भी महंगाई का असर पड़ा है। डेढ़ से दो सौ रुपये में मिलने वाली थाली की कीमत अब दो से ढाई सौ रुपये हो गई है। बड़े होटलों में थाल की कीमत तीन सौ से ऊपर है। कुछ रेस्त्रां ने दाम न बढ़ाकर थाल के व्यंजन कम कर दिए हैं। शहर के एक रेस्त्रां मालिक अनिल कुमार ने बताया कि कुट्टू के आटा से लेकर फल और घी के दाम बढ़ने से असर पड़ा है।
फलों की कीमत में आया उछाल
फल विक्रेता अब्दुल बताते हैं कि पिछले सप्ताह केले का भाव 25-30 रुपये दर्जन था, जो अब 45 से 50 रुपये हो गया है। इसी तरह सेब 50-70 रुपये की जगह 80-100 रुपये प्रति किलो हो गया है। वहीं, पपीता 30-32 रुपये की जगह अब 40-45 रुपये हो गया है।