ड्रेनेज सिस्टम और डिवाइडर भी होगा शामिल
सड़क बनने से कंपनीबाग, गांधीनगर और अस्पताल चौराहा पर दूर हो जाएगी जाम की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बस्ती बदल रही है। कंपनीबाग से मुख्य शहर गांधीनगर, रोडवेज, अस्पताल चौराहा होते हुए प्लास्टिक कांप्लेक्स तक भीड़ और जाम से मुक्ति के लिए फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। बड़ेवन से कटरा तक फोरलेन सड़क बनकर तैयार होने वाली है। इसके लिए सर्वे कार्य शुरू हो गया है। यह मुख्यालय की सबसे लंबी एवं महंगी फोरलेन सड़क होगी।
बस्ती-कॉटे मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहरी क्षेत्र में इस सड़क को कटरा की तरह फोरलेन बनाया जाएगा। अमहट से कंपनीबाग, गांधीनगर, रोडवेज, अस्पताल चौराहा होते हुए प्लाॅस्टिक कांप्लेक्स तक यह सड़क 21 मीटर चौड़ी होगी। इसमें 18 मीटर चौड़ी सड़क, ड्रेनेज सिस्टम और डिवाइडर भी होगा। इसके बाद प्लॉस्टिक कांप्लेक्स से आगे कांटे तक 16 किलोमीटर लंबाई में यह सड़क टू-लेन में तब्दील होगी।
यह 10 मीटर विद पिल्ड सोल्डर सड़क बनेगी। इस रास्ते गोरखपुर से बस्ती तक का आवागमन आसान हो जाएगा। लोग कांटे से प्लॉस्टिक कांप्लेक्स तक टू- लेन सड़क और इसके बाद मुख्यालय तक फोरलेन सड़क पर फर्राटा भरेंगे। इस तरह बड़ेवन, अमहट और प्लॉस्टिक कांप्लेक्स मिलाकर शहर में प्रवेश करने के लिए तीन तरफ से लोगों को फोरलेन सड़क की सुविधा मिलेगी।
शहरी क्षेत्र में अमहट से प्लॉस्टिक कांप्लेक्स तक की सड़क आठ किमी लंबाई में सबसे लंबी फोरलेन सड़क होगी। इसकी लागत भी अधिक है। अभी सटीक लागत तो निकल नहीं पाई है, लेकिन कुल 24 किलोमीटर लंबाई में इस सड़क को बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये लागत का अनुमान कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी ने लगाया है। सर्वे कार्य समाप्त होने के बाद लागत का यह आंकड़ा बदल भी सकता है।
सर्वे कार्य के दौरान 21 मीटर चौड़ाई के दायरे में आने वाले स्थायी या अस्थायी निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में रखे जा रहे हैं। विभाग का मानना है कि यह सड़क की जमीन है। ऐसे में सड़क बनने से पूर्व कटरा की तरह इसे भी तोड़कर समाप्त कर दिया जाएगा।
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विभिन्न विभागों सेे मांगी गई सर्वे रिपोर्ट
कार्यदायी एजेंसी पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण के लिए सर्वे शुरू करा दिया है। वहीं बिजली के खंभे, तार, ट्रांसफाॅर्मर को सड़क के दायरे से बाहर शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम से सर्वे कराने को पत्र लिखा गया है। संबंधित विभाग इस कार्य के लिए अनुमानित खर्च का ब्योरा प्रस्तुत करेगा। इसी तरह वन विभाग की टीम रास्ते में पड़ने वाले पेड़ काटने के लिए और सड़क बनने के बाद नई हरियाली पनपाने का सर्वे करेगी। जल निगम पुरानी पाइप लाइन को स्थानांतरित करने के लिए सर्वे कराएगा। इन विभागों की ओर से प्रस्तावित खर्च को सड़क के प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी यह खर्च सड़क निर्माण के बजट से वहन करेगा।
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गांधीनगर, अस्पताल चौराहा, रोडवेज की बढ़ेगी रौनक
अमहट से प्लॉस्टिक कांप्लेक्स तक फोरलेन सड़क बनने से शहर की खूबसूरती बढ़ जाएगी। कंपनीबाग से लेकर गांधीनगर तक वर्तमान में 12 मीटर चौड़ी सड़क है। इसके अलावा सड़क के दोनों तरफ पांच-पांच मीटर चौड़ा फुटपाथ है। मगर, फुटपाथ पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और ठेलेे, गिमटी की भरमार के चलते यह सड़क सिकुड़ी हुई दिखाई पड़ती है। फोरलेन बनने से यहां जाम की समस्या से स्थाई निजात मिल जाएगा। इसी तरह रोडवेज और अस्पताल चौराहा पर सड़क की चौड़ाई बढ़ने से जाम से मुक्ति मिलेगी।
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कोट
बस्ती-कांटे मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अमहट से गांधीनगर होकर प्लॉस्टिक कांप्लेक्स चौराहे तक यह सड़क फोरलेन बनाई जानी है। दूसरे फेज में प्लॉस्टिक कांप्लेक्स से कांटे तक टू-लेन सड़क बनेगी। विभिन्न विभागों से सर्वे रिपोर्ट मांगी गई है।
-इं. अवधेश प्रसाद, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड- एक
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कोट
अमहट से प्लॉस्टिक कांप्लेक्स तक बिजली के ख्ंभे, तार, ट्रांसफाॅर्मर हटाने के लिए पीडब्ल्यूडी से सर्वे रिपोर्ट मांगी गई है। इसी सप्ताह से यह कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-मनोज सिंह, एक्सईएन, विद्युत