बस्ती।गोरखपुर के टॉप टेन माफिया विनोद उपाध्याय के आत्मसमर्पण की संभावना को देखते हुए मंगलवार को भी पुलिस न्यायालय के ईदगिर्द मंडराती रही। कोतवाली, पुरानी बस्ती थाने की पुलिस के अलावा एसओजी और सर्विलांस की टीमें न्यायालय के आसपास शाम तक फील्डिंग करती रही।
उधर, सीजेएम न्यायालय से पुरानी बस्ती थाने के पैरोकार को गैर जमानती वारंट की प्रति रिसीव कराई गई। साथ ही वारंट की प्रति एसएसपी गोरखपुर को पंजीकृत डाक से भेजी गई। माफिया विनोद पर वर्ष 2005 में उसके खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में मारपीट, अपशब्द कहने व धमकी के एक मामले में उस पर केस दर्ज है।
न्यायालय के बाहर उसे गिरफ्तार करने के लिए सोमवार को भी पुलिस ने काफी हाथ-पांव चलाया। कोतवाली, पुरानी बस्ती थाने की पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीमें सुबह छह बजे से दोपहर ढाई बजे तक न्यायालय के ईदगिर्द मंडराती रही। मगर वह नहीं नजर आया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसके यहां आकर सरेंडर करने की पूरी संभावना है। इसलिए पुलिस चाहती है कि उसके सरेंडर करने की कोशिश को गिरफ्तारी में बदल सके।
वर्ष 2005 में पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के राजा बाजार निवासी बजरंगी प्रसाद ने विनोद उपाध्याय व अन्य के विरुद्ध रंगदारी, धमकी, मारपीट और अपशब्द कहने का केस दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान रंगदारी का आरोप सही नहीं पाया गया। ऐसे में विवेचक ने केवल मारपीट (धारा 323), अपशब्द कहने (धारा 504) और जान से मारने की धमकी (धारा 506) के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस केस में आरोपी विनोद उपाध्याय ने अब तक जमानत नहीं कराया है। ऐसे में सीजेएम न्यायालय ने उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर गिरफ्तारी के लिए एसएसपी गोरखपुर को आदेश दिया है।