बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कालेज परिसर को नए सिरे से विकसित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए तैयार 16 करोड़ 8 लाख 55 हजार रुपये के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। इस धन से मेडिकल कालेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में गेस्ट हाउस, बैंक शाॅपिंग कांप्लेक्स और शवगृह जैसी नई सुविधाएं मुहैया होगी। सबकुछ ठीक रहा तो प्रस्तावित इन परियोजनाओं पर जल्द कार्य शुरू हो जाएंगे।
मेडिकल कालेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में जरूरी सुविधाओं की दरकार है। जबकि यहां मेडिकल काॅलेज को अस्तित्व में आए तीन साल हो गए। पैथाेलाॅजी लैब, ब्लड बैंक, डायग्नोस्टिक ब्लाॅक, ओटी कांप्लेक्स अब भी अत्याधुनिक सुविधाएं नहीं हैं। काॅलेज प्रशासन की तरफ से परिसर और अस्पताल को विकसित किए जाने के लिए 16 करोड़ 8 लाख 55 हजार रुपये का डीपीआर तैयार किया गया था। इसके सापेक्ष शासन ने 15 करोड़ 98 लाख 8 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति मंजूर की है।
वृहद निर्माण कार्य परियोजना को मिले तीन करोड़
वृहद निर्माण कार्य परियोजना के लिए तीन करोड़ का बजट अवमुक्त हो चुका है। इसमें गेस्ट हाउस, बैंक शाॅपिंग कांप्लेक्स और शवगृह जैसे नए भवन के निर्माण पर दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। हायर मेडिकल सेंटर स्तर के उच्चीकृत पैथाेलॉजी, ब्लड बैंक, डायग्नोस्टिक प्लांट एवं ओटी कांप्लेक्स के नवीनीकरण एवं मरम्मत पर 10 करोड़ 29 लाख 38 हजार रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें एक करोड़ का बजट अवमुक्त हुआ है।
ड्रेनेज सिस्टम और सड़क निर्माण पर खर्च होंगे 3.79 करोड़
कैली चिकित्सालय परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हैं। जिससे बारिश के दौरान परिसर में पानी भर जाता है। आवासीय क्षेत्र के पानी का भी बहाव नहीं हो पाता है। इसलिए यहां ड्रेनेज सिस्टम का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा परिसर की जर्जर हो चुकी सड़कों की मरम्मत और नए सीसी एवं इंटरलाकिंग रोड भी बनाए जाएंगे। इन कार्यों पर 3 करोड़ 79 लाख 17 हजार रुपये खर्च किए जाने है।
-
यूपीआरएनएन को मिली निर्माण कार्य की जिम्मेदारी
काॅलेज परिसर को विकसित करने के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को नामित किया गया है। उप सचिव प्रदेश शासन के स्तर से 15 करोड़ 98 लाख 8 लाख रुपये का बजट संबंधित कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
काॅलेज परिसर के विकास के लिए प्रस्तावित 16 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिल गई है। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम की ओर से निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू किया जाना है। इस परियोजना के पूर्ण होने से काफी हद तक समस्याएं दूर हो जाएंगी। -डाॅ. मनोज कुमार, प्राचार्य, महर्षि वशिष्ठ मेडिकल काॅलेज, बस्ती।