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Basti News: राज्यमंत्री तो कभी एमएलसी मनोनीत कराने का देते रहे प्रलोभन

Sat, 16 Dec 2023 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। कनपटी पर पिस्टल रखकर आत्महत्या करने वाले बेगम खैर इंटर काॅलेज के प्रबंधक रहे मोहम्मद अकरम की तरह स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी को जालसाजों ने एमएलसी बनवाने के लिए 98 लाख रुपये ठग लिया। नगर थानाक्षेत्र के कटरुआ दलथम्हन गांव निवासी सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्ट अमरनाथ सिंह को ऐसा शीशे में उतारा कि वह दिनरात लालबत्ती वाली गाड़ी में घूमने का सपना देखने लगे। जालसाजों की बातों में आकर रिटायरमेंट में मिली सारी रकम और दोस्तों से उधार लेकर, महिलाओं का जेवर तक बेचकर 98 लाख 87 हजार रुपये दे दिए। रुपये गंवाने के बाद लखनऊ के गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराया है।
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जालसाजी के शिकार हुए अमरनाथ सिंह ने बताया कि वह 31 जनवरी 2020 को जिला अस्पताल से चीफ फार्मासिस्ट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसी दौरान एक बीमा कंपनी में काम करने वाले संजय पांडेय से मुलाकात हुई। वह कहने लगा कि कर्मचारी संगठन में अपका इतना शानदार कार्यकाल रहा है तो आगे भी राजनीति करना चाहिए। कोई आगे बढ़ाने वाला माध्यम न होने की बात पर संजय पांडेय ने झांसा दिया कि उसके जानने वाले संघ और भाजपा संगठन में बड़े पदों पर हैं।
अगर कुछ खर्च करेंगे तो वह एमएलसी बनवा देगा। अमरनाथ सिंह के मुताबिक संजय पांडेय ने लखनऊ ले जाकर आंबेडकर पार्क के पास गौरी भट्टाचार्य नाम की महिला से मिलवाया, जो खुद को भाजपा महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय पदाधिकारी बता रही थी। अपनी पहुंच ऊपर तक बताकर भरोसा दिलाया कि वह एमएलसी बनवा देगी। इसके बाद रुपये ऐंठने का सिलसिला शुरू हुआ।
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स्वास्थ्य राज्यमंत्री बनवाने का दिया प्रलोभन
एमएलसी चुनाव हो जाने के बाद उनका नाम सूची में नहीं आया तो जालसाज कहने लगे कि विधानसभा चुनाव हो जाने दें, अगली सरकार में राज्यमंत्री बनवा दिया जाएगा। 2022 में दोबारा भाजपा की सरकार बनने के बाद फिर कहने लगे कि अब आपका नाम उच्च स्तर पर चर्चा में है। होटल ताज में बुलाकर कुछ लोगों से मीटिंग करवाई। शीर्ष नेताओं और संघ से जुड़े लोगों का नाम लेकर तमाम संस्तुति पत्र दिखाने लगे कि मंत्रिमंडल विस्तार में आपको स्वास्थ्य राज्यमंत्री बनाया जा रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार में भी नाम नहीं आया तो अमरनाथ सिंह को एहसास हो गया कि उसके साथ जालसाजी हुई हैै।
बाउंस हो गया 10 लाख रुपये का लौटाया चेक
काफी समय तक हीला-हवाली करते हुए कोई न कोई झांसा देते रहे। कुछ दिन के पश्चात दबाव बनाने पर उन लोगों ने हाथ खड़ा कर दिए कि आपका काम किन्ही कारणों से नहीं हो पाया और आपको आपका पैसा शीघ्र ही मिल जायेगा। 8 जून 2022 को रुपये वापस करने का वादा किया, लेकिन इसके बाद टालते रहे। यहां तक कहेा कि अगर पैसा आपको नहीं मिलेगा तो उसके बदले लखनऊ में हम आपको प्लाट उपलब्ध करा देंगे। आज तक न कोई पैसा मिला और न ही कोई प्लाट मिला। बहुत सिफारिश करने के बाद दिल्ली बुलाकर 10 लाख रुपये का चेक देकर धमकी देते हुए वापस कर दिया कि अब पैसा मत मांगना। जब हमारे पास होगा तब देंगे नहीं तो तुम्हें जान से मरवा कर कहीं फेंकवा देंगे। वे चेक खाते में दो बार लगाने पर बाउंस हो गया।
तीन महीने के भीतर दूसरी घटना
सत्ता के बीच सेटिंग का दावा करके पद दिलाने के नाम पर झांसा देने का तीन महीने के भीतर यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले 19 सितंबर को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से खुदकुशी करने वाले मोहम्मद अकरम के साथ भी इसी तरह की जालसाजी की गई थी। दिल्ली के रफी मार्ग पार्लियामेंट गली के विलाल भाई पटेल हाउस के थर्ड फ्लोर पर रहने वाले जोशुआ जेना और लालगंज थाने के महसो निवासी अब्दुल्ला ने मिलकर अकरम को अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) बनवाने और दिल्ली में शानदार मकान दिलवाने का सब्जबाग दिखाकर एक करोड़ से ज्यादा रुपये लेकर हड़प लिए थे। मोहम्मद अकरम भी लोगों से उधार लेकर उसे रुपये देते गए। बाद में जब वह मुकर गया तो इनके पैरों तले जमीन सरक गई। इधर बकायेदारों ने अपनी रकम वापस करने का दबाव बनाने लगे थे। जेना से बड़ा धोखा खाने और बकायेदारों का दबाव बढ़ने के बाद वह अवसाद में चले गए। जिसका परिणाम 19 सितंबर को तड़के उनकी खुदकुशी के रूप में सामने आया।
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