पाकिस्तानी शूट बनी महिलाओं की पहली पसंद, गरारा, शरारा की मांग तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अलविदा की नमाज के बाद ईद के बाजार में मानो चार चांद लग गया हो। बाजार से लेकर घरों तक जबरदस्त रौनक देखी जा रही है। शहर के बाजारों में बड़ी संख्या में ईद की खरीदारी शुरू हो गई है। सबसे पहले लोग कपड़े और पकवान की चीजें खरीदकर रख लेना चाहते हैं। गांधीनगर, पुरानी बस्ती के अलावा मॉल के कपड़ा बाजार ईद की खरीदारी से रोशन हो रहे हैं। ईद की नमाज के लिए कुर्ता-पायजामा आज भी सभी की पहली पसंद है। पाकिस्तानी सूट इस बार महिलाओं की पसंद हैं। जबकि लखनऊ के स्टाइल में गरारा और शरारा का ट्रेंड सदाबहार है।
बाजार में पाकिस्तानी सूट के अलग अलग अंदाज देखने को मिल रहे हैं। यह कॉटन फैब्रिक से लेकर जारजट व अन्य मटेरियल पर मौजूद हैं, इन पर वर्क भी अलग-अलग तरह का है। गांधीनगर के दुकानदार मो. यूनुस ने बताया कि बजट में होने की वजह से बाजार में सबसे ज्यादा पाकिस्तानी रेफलिका पसंद किया जा रहा है। महिलाएं और बच्चों ने सबसे ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। अपनी पसंद के कपड़े, जूते, सौंदर्य प्रसाधन और रसोई के सामान की भी खरीदारी बाजार में बढ़ गई है।
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आलिया कट, कढ़ाई वाले कुर्ताें की मांग ज्यादा
- युवाओं को इस बार कपड़ों में जींस, डबल पॉकेट शर्ट, ट्राउजर, रफ लुक पेंट और वी गले वाली टी-शर्ट खूब भा रही है।
युवाओं को कुर्ता-पेंट खूब भा रही है। कढ़ाई के कुर्ते और सलवार खूब भा रहे हैं। पठानी सूट के अलावा साइड कट वाले कुर्ते और वी-गले का कुर्ते की मांग भी खूब है। चंद्रा बाजार में सिलाई दुकानदार मोहम्मद सलहा का कहना है कि अपनी पसंद के कुर्ते सिलवा रहे हैं। डिजाइनर कुर्ते भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। ईद पर युवतियां और महिलाएं भी अपनी पसंद के कपड़े सिलवा रही हैं। युवतियों को नायरा कट और आलिया कट सबसे ज्यादा भा रहा हैं। महिलाओं को स्पेशल गाउन पसंद हैं। बच्चियों के लिए फ्रॉक की खरीदारी भी की जा रही है।
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400 में ब्रावो कुर्ते
दुकानों पर नेट कुर्ता 400, ब्रावो 300, काटन 250, चिकन 350 रुपये प्रति पीस उपलब्ध है। कढ़ाई किए गए कुर्ते भी लोगों को भा रहे हैं। तरह-तरह की टोपियों से भी दुकानदारों का स्टाक भरा हुआ है। विक्रेता असगर, अखतर, हारुन आदि ने बताया कि लखनऊ के कुर्ते व टोपी की मांग ग्राहकों में अधिक है। रेडीमेड, गारमेंट, जूते-चप्पल, कास्मेटिक, चूड़ी की दुकानों पर भी इन दिनों सुबह से तांता लगना शुरू होता है जो रात्रि तक जारी रहता है। सिलाई वाले कपड़ों की अपेक्षा अब रेडीमेड कपड़े लोगों की अधिक पसंद बने हुए हैं।