नगर पालिका के जर्जर वाहन सड़क पर बिखेर रहे कूड़ा
शहर में रखे गए कूड़ेदान तीन साल से नहीं बदले गए
बस्ती। शहर की सफाई व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले वाहन व संसाधन जर्जर हो चुके हैं। इसके बावजूद इन्हीं के सहारे 25 वार्डों से कूड़ा उठाकर डंपिंग स्टेशन कोइलपुरा भेजा जाता है। ऐसे में अधिकांश कूडे़ सड़क पर ही गिर जाते हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
नगर पालिका की आर्थिक स्थिति इन दिनों दयनीय हो चुकी है। करीब छह महीने से संविदा व आउट सोर्सिंग कर्मियों को मानदेय नहीं मिल सका है। वहीं संसाधन भी जीर्णशीर्ण स्थिति में पहुंच गए हैं। जब कूड़ा जर्जर वाहनों से ढोया जाता है तो वह सड़क पर गिरता रहता है। कूडे़दान भी जर्जर हो गए हैं। तीन साल से इन्हें बदला नहीं गया है। इससे राहगीरों व अगल-बगल की आबादी के लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
नगर पालिका के कर निर्धारण अधिकारी उदयभान ने बताया कि पालिका की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। कर निरीक्षकों को क्षेत्र में राजस्व वसूली के लिए लगाया गया है। हर महीने औसतन 20 लाख रुपये राजस्व वसूली हो रही है। इस वर्ष करीब ढाई करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा गया है।
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26.8 टन कूड़े के लिए 39 वाहन
सफाई निरीक्षक दिनेश वर्मा के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों से रोजाना औसतन 26.8 टन कूड़ा निकलता है। इसे कोइलपुरा स्थित डंपिंग स्टेशन पर पहुंचाया जाता है। स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी वेद पांडेय के अनुसार इस कूड़े को उठाने व डंप करने के लिए दस पहिया वाला हाइवा, तीन ट्रक, 13 ऑटो, पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली, 15 पिकअप व दो जेसीबी समेत कुल 39 वाहनों का उपयोग किया जाता है। इनकी खरीदारी तीन साल पहले हुई थी। इनमें से अधिकांश जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं।
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कोट
जल्द ही जर्जर वाहनों को बदला जाएगा। नए संसाधनों का इंतजाम कर सफाई व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी।
दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका