हर्रैया (बस्ती)। हर्रैया थाने के परसौड़ा गांव के गन्ने के खेत में घात लगाकर बैठे बदमाश को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने दो साथियों के साथ एक व्यक्ति की हत्या करने आया था, जो अभी खेत में चरी काटने आने वाला है। उसके पकड़े जाने के बाद बदमाश के बाकी साथी भाग गए। खेत के पास खड़ी एक लावारिश कार मिली है, जिसमें हंसिया, चाकू, रॉड के अलावा कपड़े मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस बदमाश को थाने ले गई। जिस व्यक्ति की उसने हत्या की सुपारी ली थी, वह भी थाने पहुंच गया। पुलिस सभी पहलुओं की जानकारी ले रही है।
सोमवार की सुबह परसौड़ा गांव के पास ग्रामीणों ने सुनसान जगह कार खड़ी देखी। तभी वहां खेतों में संदिग्ध प्रतीत हो रहा युवक बाइक से आते दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ करने लगे, तो उसने बताया कि वह परसौड़ा गांव के राम सूरत की हत्या करने आया था। यह सुनकर ग्रामीण सन्न रह गए। खुद को उसने हर्रैया थाना क्षेत्र के अजगरा गांव का रहने वाला अभिषेक वर्मा बताया। उसने बताया कि वह नेशनल इंटर काॅलेज में 11वीं का छात्र है। गौर थाने के आमा टिनीच निवासी अपने ममेरे भाई अनिल वर्मा व चाचा के लड़के संजय वर्मा के साथ वह आया। उन लोगों को जानकारी मिली थी कि राम सूरत रोज चरी काटने खेत में आते हैं। साजिश थी कि उसी खेत में हंसिया से गला रेतकर हत्या कर दी जाएगी।
कार से आए अनिल और संजय को भी लोग गन्ने के खेतों में ढूंढने लगे, लेकिन दोनों नहीं मिले। किस रंजिश की वजह से किसने हत्या की सुपारी दी है, इसके बारे में पकड़ा गया बदमाश कुछ भी नहीं बता पाया। उसने कहा कि उसके ममेरे भाई और अनिल को इसके बारे में जानकारी है। उसे सिर्फ यह बताया कि चलो, हत्या के बाद एक लाख रुपये तुम्हें मिल जाएगा।
घर में पूजा की वजह से बच गई जान
राम सूरत सुबह आठ से नौ बजे के बीच रोज खेत में चरी काटने जाते थे। हत्या करने आए बदमाशों को इसकी जानकारी हो गई थी। इसलिए उसी समय वे आकर गन्ने के खेत में छिप गए। संयोग अच्छा था कि राम सूरत के घर में पूजा थी, इसीलिए वह चरी काटने नहीं आए। थाने पर पहुंचे राम सूरत ने बताया कि वह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि उनकी हत्या करने के लिए बदमाश क्यों आए।