आयुक्त सभागार में कमिश्नर अखिलेश सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
बस्ती। मंडलायुक्त अखिलेश सिंह ने सोमवार को आयुक्त सभागार में जलजीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। वह निर्माणाधीन परियोजनाओं को लेकर काफी सख्त दिखे। निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य फरवरी 2024 तक हर हाल में पूरा किया जाए। जिम्मेदार अधिकारी कार्यस्थल का नियमित निरीक्षण करें। आयुक्त ने कहा कि बाढ़, दीवाली, ठंड एवं होली को छोड़कर माइक्रो लेबल कार्ययोजना तैयार हो। निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने के लिए मैनपावर तथा मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। हर घर नल एवं जल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत सरकार एवं राज्य सरकार इसके लिए पर्याप्त धन भी उपलब्ध कराई है। जलनिगम ग्रामीण,कार्यदायी संस्था मेघा, वीएसए इंफ्रोप्रोजेक्ट तथा मेसर्स जैकशन द्वारा मण्डल के तीनों जनपदों में इस योजना के कार्यों को कराया जा रहा है। इसमें तेजी लाई जाए। पाइप डालने के लिए सड़क खोदाई के बाद उसकीमरम्मत अवश्य कराई जाए। इसमें शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। समीक्षा में बताया गया कि बस्ती में प्रस्तावित कुल 2372 राजस्व ग्रामों में शतप्रतिशत भूमि उपलब्ध हो गई है। इसमें से 812 डीपीआर स्वीकृत हैं, 436 परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ है। 208270 के सापेक्ष 106738 गृह संयोजन किया गया है। वित्तीय लक्ष्य 405.55 करोड़ के सापेक्ष 218.44 करोड़ रुपये व्यय हो चुका है। संतकबीरनगर में कुल 1256 राजस्व ग्रामों के लिए भूमि उपलब्ध है। इसमें से 461 डीपीआर स्वीकृत हैं और 218 परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ है। 219222 के सापेक्ष 36926 गृह संयोजन किया गया है। वित्तीय लक्ष्य 382.93 करोड़ के सापेक्ष 154 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। सिद्धार्थनगर में कुल 2081 गांवों के लिए शतप्रतिशत भूमि उपलब्ध है। इसमे से 1511 डीपीआर स्वीकृत है, 361 परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ है। 306418 के सापेक्ष 82058 गृह संयोजन किया गया है। वित्तीय लक्ष्य 340.01 करोड़ के सापेक्ष 276.00 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।फेज 5 में बस्ती में 201, संतकबीर नगर में 807 तथा सिद्धार्थनगर में 1083 राजस्व गांवों में ओवरहेड टैंक के साथ परियोजना तैयार करनी है। आयुक्त ने कहा कि परियोजना के मेंटीनेंस के लिए ग्रामीणों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अंशदान भी लिया जाए। इसके लिए अलग से एजेंसी नामित की गई है। अधीक्षण अभियंता सौरभ सुमन ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा उनके क्षेत्र में मिशन के तहत कार्य कराये जाने वाले कार्य के बदले प्रति वर्ष एक लाख रुपये की मांग की गई है। आयुक्त ने इस समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया। अधिशासी अभियंता संजय जायसवाल, जिला प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील अस्थाना, अश्वनी मिश्रा, मिस्वा खान, चंद्रशेखर आदि मौजूद रहे।