आधीरात से शुरू हुआ जलाभिषेक, मुख्य कांवड़ मेले के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बृहस्पतिवार की आधीरात के बाद भद्रेश्वरनाथ मंदिर का कपाट खुलते ही अपने आराध्य का अभिषेक करने लिए कांवड़िये टूट पड़े। भारी पुलिस बल उन्हें नियंत्रित करने का भरसक जोर लगाया, लेकिन आस्था के वेग के आगे उनकी एक न चली। हरहर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिव मय हो गया। तिथि व मुहूर्त की चिंता किए बगैर 80 किमी की पैदल यात्रा कर पहुंचे कांवड़ियों ने कांवड़ के जल से भोलेनाथ को सराबोर कर दिया।
जलाभिषेक का सिलसिला शुक्रवार को पूरे दिन चलेगा। शिव मंदिर के गर्भगृह में बैरिकेडिंग के कारण कतारवद्ध होकर कांवड़िये आगे बढ़ रहे थे। थके-मादे कांवड़ियों की मदद के लिए पुलिस के अधिकारी और जवान तत्पर दिखे। अनुमान है बृहस्पतिवाश्की शाम तक पांच लाख कांवड़िये जलाभिषेक करेंगे। शुक्रवार को मुख्य आयोजन होने की वजह से लगातार सतर्कता बरती जा रही है। भद्रेश्वरनाथ परिसर में तरह-तरह की दुकानें सजी हुई हैं। जहां कांवड़ियों के अलावा भारी संख्या में आसपास के ग्रामीण श्रद्धालु जलाभिषेक के बाद खरीदारी करेंगे।
देवाधिदेव महादेव का अभिषेक करने को आतुर शिवभक्तों का रेला भद्रेश्वरनाथ मंदिर की तरफ बृहस्पतिवार की सुबह से ही बढ़ने लगा था। अयोध्या के नए घाट से भद्रेश्वरनाथ तक कांवड़ियों का जत्था देखकर ऐसा लग रहा है मानो गेरुआ रंग के फूलों की लड़ी बन गई हो। व्यवस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि दोपहर बाद तक ज्यादातर कांवड़िये अमहट घाट से डारीडीहा के इर्द-गिर्द पहुंच चुके थे।
मंदिर कमेटी और नियमित शिव सेवा करने वाले स्वयंसेवकों को भी व्यवस्था को दुरुस्त करने में भूमिका निभाते देखा गया। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से भीड़ की निगरानी की जा रही है। मंदिर परिसर में दो कंट्रोल रूम नियमित रूप से सक्रिय हैं। साथ ही मेडिकल टीम भी सेवा में तत्पर दिखी।
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आला अफसरों ने किया निरीक्षण
अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन डाॅ. केएस प्रताप, मंडलायुक्त अखिलेश सिंह, पुलिस महानिरीक्षक आरके भारद्वाज, जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी, एडीएम प्रीतिपाल सिंह चौहान, एएसपी ओम प्रकाश सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने कोतवाली क्षेत्रांतर्गत पुलिस अधीक्षक आवास गेट नंबर दो से अमहट पुल से होते हुए रामचन्द्र शुक्ल तिराहा तक कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण भी किया।
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पूरी रात भजन-कीर्तन,चलता रहा भंडारा
- फुटहिया चौराहे से अमहट होते हुए भद्रेश्वरनाथ मंदिर के बीच कई जगह भजन-कीर्तन का कार्यक्रम चलता रहा। ज्यादातर कांवड़िये भूअर से लेकर डारीडीहा के बीच विश्राम करते दिखे। उनके लिए जगह-जगह भंडारे चल रहे हैं।