फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: भर गया विभागों का खजाना... कोषागार ने बांटे चार अरब से अधिक के बजट

Mon, 01 Apr 2024 05:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2023-24 के आखिरी दिन शाम पांच तक जमा हुए विभागों के बिल
विज्ञापन

देर रात तक स्थानांतरित होता रहा धन, बजट लैप्स होने की नहीं आई नौबत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। वित्तीय वर्ष 2023-24 के आखिरी दिन 31 मार्च तक लगभग सभी विभागों का खजाना भर गया। इस बार सरकारी बजट लैप्स होने की नौबत नहीं आई। अधिकतर विभागों की ओर से खर्च का लेखा-जोखा प्रस्तुत कर दिया गया। बचे खूचे विभाग आखिरी दिन रविवार को अपना बिल कोषागार में प्रस्तुत किए। यहां भीड़भाड़ तो नहीं थी, लेकिन शाम पांच बजे तक बिलों का इंतजार किया गया। अंतिम दिन गिने-चुने विभागों की ओर से बिल जमा किए गए। जिन्हें स्वीकार कर लिया गया। कोषागार में देर रात तक धन स्थानांतरण का कार्य चलता रहा। सभी सरकारी विभागों में मिलाकर चार अरब, सात करोड़, 19 लाख रुपये बजट का वितरण किया गया है।
जिला कोषागार कार्यालय वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर आखिरी दिन रविवार को भी खुला रहा। अधिकारी, कर्मचारी पटल पर मुस्तैद दिखे। साल भर के सरकारी बजट का हिसाब- किताब बारीकी के साथ होता रहा। जिले भर के 80 विभागों के बजट को निर्गत करने की जोर आजमाइश आखिरी क्षण तक होती रही। शाम पांच बजे तक बचे हुए विभिन्न विभागों के बचे हुए बजट के खपत के लिए बिल जमा किए गए।
विज्ञापन

साथ ही, कोषागार से धन की वर्षा भी विभागीय हेड में की जाती रही। रात नौ बजे तक धन स्थानांतरण करने में कोषागार कर्मी मुस्तैद दिखे। भारी भरकम बजट का वितरण किया गया। कोषागार कार्यालय के अनुसार, इस बार अधिकतर विभागों के बजट लैप्स होने की नौबत नहीं आई। डीएम ने विभागों को 25 मार्च तक ही सभी तरह के बिल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। चेतावनी भी दी गई थी कि धन खर्च न कर पाने वाले विभागाध्यक्षों पर कार्रवाई की जाएगी।
...
लोक निर्माण विभाग को मिला 54 करोड़ रुपये
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को आखिरी दौर में प्रस्तुत बिल के सापेक्ष जिला कोषागार से 54 करोड़ 62 लाख 16 हजार 361 रुपये का भुगतान हुआ है। इस धन से सड़कों की मरम्मत, नई सड़कों का निर्माण एवं कर्मचारियों के देयक आदि का भुगतान किया जाएगा। बजट बचाने में पुलिस विभाग ने भी बाजी मारी है। एसपी कार्यालय की ओर से 22 करोड़ 63 लाख 31 हजार 524 रुपये के बिल प्रस्तुत किए गए। जिला कोषागार ने इसके सापेक्ष विभाग को धन भी मुहैया करा दिए। यह बजट पुलिस विभाग के भवन उच्चीकरण, देयक आदि के मद में खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में भी धन की खूब वर्षा हुई है। आखिरी दौर में प्रस्तुत बिल के सापेक्ष शत-प्रतिशत 13 करोड़, 19 लाख 73 हजार 674 रुपये का भुगतान स्वास्थ्य विभाग को हुआ है। विकास विभाग से प्रस्तुत बिल के सापेक्ष शत-प्रतिशत दो करोड़ 85 लाख 98 हजार 425 रुपये बजट का भुगतान हुआ है। इस विभाग ने सर्वाधिक धन समय रहते खर्च कर दिए थे। यह बानगी मात्र है। सभी 80 विभागों में आखिरी दौर में धन आवंटित किए गए हैं।
-
रात 11 बजे तक हुए काम, आफिस में ही मिला खाना
भागो- दौडों.. मार्च आया जैसा माहौल सभी बजट आधारित विभागों में एक पखवाड़े से बना हुआ है। कार्यदायी संस्थाओं में तो मार्च क्लोजिंग को लेकर खूब कसरत की गई। लेखा अनुभाग में दिन-रात एक करके धन खपाने की तैयारी हुई। बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, कलक्ट्रेट, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग आदि कार्यालयों में 15 दिनों से हिसाब- किताब होता रहा। कर्मचारियों के साथ विभागाध्यक्ष स्वयं मुस्तैद दिखे। आखिरी सप्ताह में तो कई विभागों में रात 11-11 बजे तक कार्य हुए हैं। बिजली निगम के एक कर्मचारी ने बताया कि उनके कार्यालय में रात 11 बजे तक काम हुआ है। पांच-छह दिनों से कार्यालय में रात के भोजन का इंतजाम रहा। लगातार मेहनत के बाद 31 मार्च का बोझ खत्म हुआ। अब कल से राहत मिलेगी।
...
खुला रहा निबंधन कार्यालय, 11 लाख की कमाई
31 मार्च को राजस्व प्राप्ति के उद्देश्य से सभी तहसीलों के उप निबंधन कार्यालय खोले रखे गए। बस्ती सदर में इस कार्यालय के आसपास लेखक और अधिवक्ता अपने चैंबर में पहुंचे थे। मगर जमीन खरीद-फरोख्त के लिए आमजन की भीड़ बहुत कम देखी गई। एक-एक कर दिनभर में कुल 13 जमीनों की रजिस्ट्री हुई। इससे निबंधन कार्यालय को 11.11 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। वहीं जिले भर से पंजीयन विभाग को वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन 30 से 35 लाख रुपये राजस्व का इजाफा हुआ है। सब रजिस्टार बस्ती सदर ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि 13 जमीनों की रजिस्ट्री से 11.11 लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। वार्षिक लक्ष्य का हिसाब-किताब सोमवार तक स्पष्ट हो जाएगा।
...
एक अरब से अधिक की राजस्व प्राप्ति
मुख्य कोषाधिकारी अशोक कुमार प्रजापति ने बताया कि सभी विभागों से प्राप्त बिल का भुगतान कराने की कोशिश की जा रही है। रात नौ बजे तक धन स्थानांतरण की प्रक्रिया कराई जाएगी। किसी भी विभाग के बिल का भुगतान अवशेष नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि इस बार विभिन्न विभागों की मदद से एक अरब पांच करोड़ 27 लाख 84 हजार रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। यह धन राजकीय कोष में जमा करा दिया गया है।
विज्ञापन

...
बाहर से बंद रखे गए बैंक, अंदर हुआ काम
31 मार्च को सभी बैंक शाखाओं को भी खोले रखा गया। हालांकि आमजन से जुड़े कार्य यहां नहीं हुए और न ही बैंक उपभोक्ताओं को प्रवेश मिला। लेकिन, अंदर सभी बैंक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अपने- अपने पटल पर लोग साल भर का लेखा-जोखा सही करने में जुटे रहे। शाखा प्रबंधक अपने उच्चाधिकारियों को हिसाब- किताब से संबंधित सूचनाएं भी प्रसारित करते रहे। सुबह दस बजे से देर रात तक बैंकों में काम होते देखा गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें