वारदात के विरोध में हड़ताल पर रहे जिले के सभी अधिवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मुंडेरवा थाने के खजौला के पास अधिवक्ता को अगवा करने की वारदात से शुक्रवार को कचहरी का माहौल गर्म रहा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अधिवक्ताओं ने हड़ताल किया। न्यायिक कार्य से विरत रहकर जनपद न्यायालय के गेट पर प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी व सुरक्षा की मांग की गई।
जनपद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्रा, महामंत्री दयाशंकर दुबे, शशि प्रकाश शुक्ला, रमापति पांडेय आदि ने कहा कि दिनदहाड़े अधिवक्ता के अपहरण से जिले की कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है। अब तो अधिवक्ता भी सुरक्षित नहीं रह गए हैंद्ध
कोतवाली संतकबीरनगर के बनियाबारी निवासी अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय बस्ती शहर के कोतवाली क्षेत्र के बड़ेवन में मकान बनवा कर रहते हैं। उनका कहना है कि बृहस्पतिवार को निजी मामले की पैरवी के लिए बस्ती से खलीलाबाद बाइक से जा रहे थे। मुंडेरवा थाने के खझौला चौकी से आगे परसा मस्जिद के पास कार सवार कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि असलहा सटाकर कार में बैठा लिया। कार में सवार आरोपियों ने मारापीटा की और नगदी छीन ली।
अधिवक्ता का कहना है कि अपहर्ता उन्हें हाईवे पर घुमाते रहे। उसी दौरान किसी राहगीर ने उनकी हरकत देखकर शोर मचा दिया। इसके बाद अपहर्ता उन्हें वहीं छोड़कर भाग निकले। अधिवक्ता ने बताया कि वह इतना डर गए थे कि जगह का नाम समझ नहीं पाए। फोन कर पुलिस को बुलाया और घटनास्थल से बाइक बरामद कर अधिवक्ता को मुंडेरवा थाने ले आई।
अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि जिस मुकदमे की पैरवी के लिए वह संतकबीरनगर जा रहे थे, उन्हीं लोगों ने घटना को अंजाम दिया है। अधिवक्ता की तहरीर पर राकेश सिंह, विपुल राय व नीलेश पांडेय निवासी खलीलाबद संतकबीरनगर तथा एक अज्ञात पर अपहरण व मारपीट का केस दर्ज किया गया है। अधिवक्ता प्रदीप पांडेय की खुद की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। एक सप्ताह पहले खलीलाबाद कचहरी में भी इनके पिता से विवाद हुआ था। उसी सिलसिले में पैरवी करने वह खलीलाबाद जा रहे थे।