लोकमंगल के पर्व पर प्रकृति भी इठलाई, भानु भाष्कर पर उमड़ी आस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लोकमंगल के महापर्व छठ की छटा घाट-घाट दिखी। नदियों, सरोवरों के तट पर अद्भुत सौंदर्य अपने आप सृजित हो गया। सोलह शृंगार से सुसज्जित व्रती महिलाओं की आस्था उमड़ी तो नदी और जलाशय के बूंद-बूंद खिल उठे। गुलाबी ठंड के साथ बादलों की घनेरी में लालिमा बटोरे भानु भाष्कर ऐसे दिख रहे थे मानो पूरी प्रकृति लोक उत्सव के इस पर्व में भागीदार बनने के बिल्कुल करीब आ गई हो।
रविवार को छठ व्रत धारण करने वाली महिलाओं पर श्रद्धा सिर चढ़कर बोल रहा था। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए साज-सज्जा के साथ घाट की ओर चल पड़ीं। उनके साथ में परिवार भी था। देखते ही देखते छठ मैया का दरबार ऐसा सजा कि घाट-घाट पर लोक, आस्था, भक्ति का अद्भुत संगम बन गया। पूजा की वेदी पर श्रद्धा भाव के साथ घर- गृहस्थी, शृंगार, सजावट, संस्कृति, प्रकृति क्या-क्या नहीं है।
अखंड ज्योति के समक्ष पूजा में प्रयुक्त होने वाले तरह-तरह के पकवान, फल, पुष्प, धूप, कपूर, अगरबत्ती, ईख आदि सभी तरह के सामान से डलिया भरी हुई थी। शहर के अमहट घाट, निर्मली कुंड पर आस्था का सैलाब देखा गया। घर-घर से आए लोग छठ मैया की पूजा में भक्ति, सामर्थ्य सब अर्पित किए। इस दौरान एसडीएम सदर गुलाब चंद्र मय फोर्स घाटों का निरीक्षण करते रहे।