एक्यूआई 160, सप्ताह भर बाद फिर तेजी से बढ़ गया प्रदूषण
नमी के मौसम में आतिशबाजी भी बन रही वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर 160 दर्ज किया गया। विशेषज्ञ इसे आंकड़े को सेहत के लिए हानिकारक मान रहे हैं। सहालग के चलते सड़कों पर इस गाड़ियों का रेला लगा है। इससे धूल तो उड़ ही रही है, चौराहों पर जब एक साथ गाड़ियां रुक रहीं हैं तो धुएं से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। शादियों में पटाखाें से भी जहरीला धुआं उठ रहा है।
यही नहीं, ग्रामीण इलाकों में पराली भी जलाई जा रही है। सुबह हो रही धुंध को इसी का प्रभाव माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे में अस्थमा, हृदय और सांस के रोगियों के साथ बुजुर्गों को सावधानी बरतनी होगी। बुधवार को करीब एक सप्ताह बाद प्रदूषण का स्तर सुबह 160 और शाम को 140 एक्यूआई रहा। रात में नौ बजे के बाद बरात में गाड़ियों की भीड़ और आतिशबाजी ने प्रदूषण स्तर और भी बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों की माने तो मौसम में नमी और हवा कम चलने की वजह से गाड़ियों के धुएं से निकले हानिकारक गैस वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। धुंध की सतह बन जा रही है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि सुबह नमी होने के चलते प्रदूषण का स्तर अधिक रह रहा है। ऐसे मौसम में मास्क पहनकर ही बाहर निकलना बेहतर रहेगा।
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बरात में जमकर हो रही आतिशबाजी, हवा को बना रही जहरीली
लगन चल रही है। ऐसे में शादियों में खूब आतिशबाजी हो रही है। द्वारपूजा के समय गाजे-बाजे पर जमकर थिरकने के साथ आतिशबाजी होती है। आतिशबाजी करने वाले अब्दुल अंसारी ने बताया कि पार्टी आठ से दस हजार रुपये से कम की बुकिंग नहीं कराती है।
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तापमान में कमी और हवा नहीं चलने के कारण धूल के कण संघनित हो गए हैं। वाहनों के धुएं और अन्य कारकों से भी प्रदूषण बढ़ा हुआ है। जब तक तेज हवा नहीं चलती, स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी।
- डॉ. अमरनाथ मिश्र, मौसम विज्ञानी