बस्ती। कोई भविष्य के लिए चिंतित है तो कोई पारिवारिक उलझनों के कारण परेशान है। इस तनाव के बीच कोरोना का संकट भी 30 साल से कम उम्र के नौजवानों को शुगर, ब्लड प्रेशर, ह्दयरोगी बना दिया है। खानपान और दिनचर्या ऐसे रोगों को बढ़ाने में अहम भूमिका है। सीएमओ डॉ. आरएस दुबे की मानें तो इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण दिनचर्या का गड़बड़ होना है। इसके अलावा खाने-पीने के बदले स्वरूप ने भी शुगर व ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों में युवाओं को धकेल दिया है। जिले के आंकड़े प्रति हजार युवाओं में से 15 से 20 फीसदी हो गए हैं।
एक बार जो इन गंभीर बीमारियों की चपेट में आता है तो उसे दवाओं के सहारे बाकी का जीवन काटना पड़ता है। फिजिशियन डॉ. राकेश सिंह बताते हैं कि जीवन शैली में परिवर्तन ने हर उम्र के लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। शहरी क्षेत्र के युवाओं में देर रात तक जागना और सुबह देर से सोकर उठना अब सामान्य बात हो गई है। खानपान को लेकर भी आदतें बहुत बदली हैं। कम उम्र के युवाओं की पार्टियाें के अलावा मांसाहार होना भी है।
उन्होंने कहा कि लोगों का शारीरिक व्यायाम भी नियमित और संतुलित नहीं है। इससे दिनचर्या, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर असर होता है। अत्यधिक चिंता व तनाव से बेचैनी व अवसाद होता है। इसलिए खुद को इससे मुक्त रखने का प्रयास करें। समस्या को लेकर चिंतित होने की बजाय समाधान खोजना बेहतर विकल्प है।
यदि कोई बात आपके पक्ष में या आपकी इच्छा के अनुसार नहीं है तो उसे लेकर आप तनावग्रस्त हो जाते हैं। अगर आपके पास इससे उबरने का विकल्प नहीं है तो इससे चिंता, कुंठा आदि मनोविकार बढ़ेंगे, जिसका असर आपके शरीर में हार्मोंस पर पड़ेगा। इससे शरीर का पूरा सिस्टम प्रभावित हो जाएगा।
खान-पान के चलते शुगर ने बच्चे को किया परेशान
बेटे को 12 साल की उम्र में शुगर लेबल बहुत अधिक हो गया था। चिकित्सकों ने बताया कि इसका कारण अनियंत्रित खान- पान है। दवा व खानपान में सुधार के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।
जीशान गांधी नगर बस्ती।
कंधे के जोड में करीब दो साल पहले दर्द शुरू हुआ। इसका कारण पहले मैं समझा कि तैयारी के लिए ज्यादा देर तक बैठने के कारण है, मगर जब दर्द कम न हुआ तो जिला अस्पताल में चिकित्सक से सलाह ली। बताए कि शुगर के लक्षण हैं। जांच करा लें। जांच में शुगर लेबल अधिक आया। चिकित्सक ने दवा देने के साथ पढ़ाई को लेकर टेंशन न रहें।
- आदित्य कुमार, मंगल बाजार।
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जिले में शुगर के युवा मरीज तेजी से बढ़े हैं। इसका कारण शारीरिक श्रम न करना और खान- पान का बदलता स्वरूप है। यही नहीं कोरोना कॉल के बाद युवाओं में प्रति हजार 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में आई है। इसके पीछे के कारण अधिक पाने की चाहत, भागदौड़ भरी जिंदगी के अलावा भविष्य को लेकर अत्याधिक चिंता है। इससे युवाओं को बचने की जरूरत है। उन्हें पारिवारिक दबाव से मुक्त रखा जाए।
डॉ. आरएस दूबे
सीएमओ, बस्ती।