बस्ती। एडीजे प्रथम शिवचंद की अदालत ने हत्या के मामले में दोषी धीरज उर्फ भूसुर को दस वर्ष की सजा सुनाई। दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। इसे अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एडीजीसी राघवेश प्रसाद पांडेय ने अदालत को बताया कि कोतवाली क्षेत्र के रौता चौराहा मालवीय रोड निवासी सत्य प्रकाश सिंह बघेल 22 अक्तूबर 2001 को तहरीर देकर कहा कि उनका ट्रक चालक राम बहोरे व खलासी रामधनी चौधरी थे। एक अज्ञात व्यक्ति ने पांडेय बाजार स्थित रामचंद्र गुप्ता दुकान पर फोन कर बताया कि सत्य प्रकाश सिंह के ट्रक चालक अथवा क्लीनर का शव सरयू पुल के पस पड़ा है। सूचना मिलने के बाद मुंशी देवदत्त सिंह व रामचंद्र गुप्ता ने उन्हें जानकारी दी। बताया कि फोन करने वालेने यह बताया है कि मृतक की जेब में खाद की पर्ची मिली है।
सत्यप्रकाश सिंह के अनुसार उनका ट्रक गोरया चौराहा थाना वाल्टरगंज खाद लेकर गया था। खलासी वहीं गाड़ी खड़ी कर खाना खाने गया था। कुछ अज्ञात बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी और ट्रक लेकर फरार हो गए। मौके पर शव की पहचान सत्यप्रकाश सिंह ने ट्रक के खलासी के रूप में की। इस मामले में कोतवाली थाना में केस दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान पुलिस ने लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र के राजू पहाड़ी, संतकबीर नगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली के ग्राम गड़सरपार निवासी मो. शफीक, मेंहदावल कस्बा निवासी धीरज उर्फ भूसुर तिवारी, लखनऊ के राजा बाग कोतवाली निवासी मो. इलियास उर्फ राजू नाटिया तथा लखनऊ के ही गोसांईगंज थाना क्षेत्र के राजेश कुमार यादव का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने साक्ष्य संकलित कर पांचों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। इस मामले में कोर्ट में अभिलेखीय व पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित 18 गवाहों ने साक्ष्य के लिए गवाही दी। इस मामले में चार की पत्रावली अलग होकर निर्णित हो चुकी है। जबकि धीरज के मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दस वर्ष की सजा सुनाई।