विक्रमजोत क्षेत्र के छावनी कस्बे के राम जानकी मार्ग पर स्थित निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में मंगलवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम जांच करने पहुंची। जांच टीम को अस्पताल में कई खामियां मिलीं। संचालक जांच टीम को आपरेशन थिएटर चलाने का कोई प्रमाणपत्र नहीं दिखा पाए।
टीम ने शिकायतकर्ता का भी बयान लिया। जांच अधिकारी एसडीएम न्यायिक विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि चिकित्सालय की जांच कर चिकित्सक का बयान दर्ज किया गया है। शिकायत कर्ता का बयान लेकर उनके आरोपों की जांच की जा रही है। तीन दिन में जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
बता दें कि हर्रैया थाना क्षेत्र के कुर्थिया निवासी अतुल तिवारी ने छावनी थाने व उच्चाधिकारियों को दो अप्रैल को तहरीर दी थी। बताया कि उनकी भाभी को नार्मल प्रसव की बात बताकर चिकित्सक ने भर्ती कराया था। आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही से प्रसव के बाद नवजात शिशु की मौत हो गई थी। उसके बाद चिकित्सक ने धड़कन कम चलने की बात बताकर हायर सेंटर ले जाने को कह दिया था।
परिजन बस्ती लेकर गए जहां चिकित्सक ने बताया कि नवजात की मौत हो चुकी है। एसडीएम न्यायिक के साथ एसीएमओ अरविंद कुमार मिश्रा ने हॉस्पिटल परिसर, आपरेशन थिएटर, जनरल वार्ड की जांच कर चिकित्सक व शिकायत कर्ता का बयान दर्ज किया। परिसर में एक्सपायर दवाएं बिखरी मिली। जिसको लेकर जांच टीम ने सवाल खड़े किए। जांच टीम के सामने ही शिकायत कर्ता व चिकित्सक उलझ रहे थे। पीड़ित अतुल तिवारी ने कहा कि न्याय मिलने तक लड़ाई लड़ेंगे।