एसडीएम ने जांच में सहयोग न करने का लगाया था आरोप, कहा-संभवत: नशे में था प्रधानाध्यापक
आचरण नियमावली का उलंघन का दोषी पाए जाने पर हुई कार्रवाई, विभागीय जांच अधिकारी नामित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। स्कूल में मेज पर सिगरेट व माचिस की डिब्बी रखने और एसडीएम चौरीचौरा के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपी कंपोजिट विद्यालय भगवानपुर चौरीचौरा के प्रधानाध्यापक गौरीशंकर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू करा दी है।
डीएम के निर्देश पर 28 अगस्त को एसडीएम चौरीचौरा ने कंपोजिट विद्यालय भगवानपुर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक गौरीशंकर सिंह के कार्यालय में मेज पर सिगरेट का पैकेट और माचिस की डिब्बी थी। वह संभवत: नशे में भी था। अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख करते हुए प्रधानाध्यापक से जांच में सहयोग करने की बात कही। विद्यार्थियों के विषय में जानकारी करने के लिए कक्षा में जाने के लिए प्रधानाध्यापक से कहा गया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया और कुर्सी पर बैठ गए।
एसडीएम ने प्रधानाध्यापक से जो-जो जानकारियां मांगीं, उसके बारे में कहा कि उन्हें पता नहीं है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पठन-पाठन के साथ ही प्रधानाध्यापक के रूप में गौरीशंकर पदीय दायित्वों का निर्वहन करने के लायक नहीं है। उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए। जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम कृष्णा करुणेश ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने प्रधानाध्यापक गौरीशंकर सिंह को निलंबित करते हुए बीआरसी ब्रह्मपुर से संबद्ध कर दिया है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपुर भारत भूषण को जांच अधिकारी नामित किया है।
वर्जन
जांच में प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय भगवानपुर चौरीचौरा गौरीशंकर सिंह आचरण नियमावली के उल्लंघन करने के दोषी पाए गए हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच अधिकारी भी नामित किया गया है, जाे आगे की जांच करेंगे।
-रमेंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर