उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर निकाला पदयात्रा।
बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के बाद निकाली गई पदयात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। एनजेसीए के आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए शनिवार को परिषदीय शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल की अगुवाई में पहले बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षकों ने एनपीएस की शव यात्रा निकाली। शास्त्री चौक पर पहुंचकर पुतला फूंका। बाद में एक सूत्री ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
बीएसए दफ्तर पर धरना के दौरान शिक्षकों ने पुरानी पेंशन के लिए सरकार को खरी खोटी सुनाई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पेंशन बुढ़ापे की लाठी है। एनपीएस प्रणाली शिक्षकों, कर्मचारियोें के साथ विश्वासघात है। वर्ष 2005 में लागू की गई एनपीएस व्यवस्था की दुर्दशा बयान नहीं की जा सकती है। 19 वर्ष बीतने के बाद भी समय से न तो खाते खुले और न ही कटौतियां सुव्यवस्थित हो पाईं हैं। दोष पूर्ण व्यवस्था की मार अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक सभी झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आकस्मिक एवं दैवीय घटना होने पर शिक्षकों व कर्मचारियों का परिवार असुरक्षित हो गया है। सेवानिवृत्त के बाद जीवन यापन के लिए हमसे और हमारे परिवार से छीनी गई सुविधा को वापस की जाए। पेंशन प्राप्त करना शिक्षक, कर्मचारियों का विधिक अधिकार है। 20 से 23 नवंबर तक पुरानी पेंशन के लिए शिक्षक-कर्मचारी से महा हड़ताल में प्रतिभाग करने के लिए वोटिंग कराई जाएगी।
धरने के बाद शिक्षक शव यात्रा लेकर निकले। महिला शिक्षक एनपीएस के प्रतीकात्मक शव को कंधे पर लेकर आगे चल रही थीं। इस दौरान शिक्षक सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। रास्ते भी पुरानी पेंशन बहाल किए जाने की आवाज बुलंद की गई। शास्त्री चौक पर पहुंचने के बाद संघ के जिला संयुक्त मंत्री विजय प्रकाश चौधरी ने वैदिक मंत्रों के बीच विधि विधान से एनपीएस के प्रतीकात्मक चिता को आग लगाई। इस मौके पर शैल शुक्ल, बाल्मीकि सिंह, बब्बन पांडेय आदि मौजूद रहे।