बस्ती । कप्तानगंज ब्लाॅक क्षेत्र के 142 शिक्षामित्रों ने मंगलवार को काली पट्टी बांधकर समायोजन निरस्त किए जाने का विरोध जताया। शिक्षा मित्रों ने कहा कि उनके साथ छल हुआ है। शिक्षक का पूरा कार्य करने के बावजूद समान वेतन से वंचित रखा जा रहा है। सपा सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्रों को शिक्षक का दर्जा प्रदान कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 25 जुलाई 2017 को सरकार ने इनका समायोजन निरस्त करते हुए शिक्षामित्र के मूल पद पर वापस कर दिया। तभी से शिक्षामित्र फिर से शिक्षक के पद पर वापसी के लिए प्रयासरत हैं। मंगलवार को इसी कड़ी में प्राथमिक विद्यालय चिलमा में तैनात जिला महामंत्री अविनाश मिश्रा कहते हैं कि 6 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी सरकार ने इनकी सुध नहीं ली है। हमें पूर्ण शिक्षक का दर्जा देने की बात तो दूर इस दौरान सरकार ने मानदेय भी बढ़ाने की जहमत नहीं उठाई, जबकि शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनसे ज्यादा मेहनत करके बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। कप्तानगंज के ब्लॉक अध्यक्ष अजय पांडेय कहते हैं कि सरकार में आने से पहले भाजपा ने शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान का वादा किया था, लेकिन अभी तक कोई परिणाम सामने नहीं आया।
शिक्षामित्र राजेंद्र कुमार, यादराम चौधरी, कृष्ण कुमार शुक्ला, श्रवण कुमार यादव, सुमन वर्मा, विजय कांत ओझा, शैलेंद्र मिश्रा, राम कल्प, असगर अली, वंदना सिंह, साधना श्रीवास्तव, अनीता मिश्रा, मंजू मिश्रा आदि ने भी सरकार को शिक्षा मित्रों के लिए कुछ किए जाने की मांग उठाई है।