हर्रैया के तपसी धाम में महाराणा प्रताप की जयंती में उपस्थित विधायक अजय कुमार सिंह व अन्य
हर्रैया। महाराणा प्रताप की शौर्य, साहस व राष्ट्रप्रेम को शब्दों में नहीं पिरोया जा सकता है। उनका पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर क्षत्रियों को समाज हित में एकजुट हो जाना चाहिए।
यह कहना है रेलवे की पूर्व मुख्य महाप्रबंधक रानी आसमां सिंह का। वह सोमवार को तपसी धाम कसैला में महाराणा प्रताप की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। इससे पहले मुख्य अतिथि, विधायक अजय सिंह, व पूर्व प्रमुख योगेंद्र सिंह ने देश के महानायक राणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्य अतिथि ने महाराणा प्रताप के देश प्रेम,त्याग व स्वाभिमान की चर्चा करते हुए कहा कि वह जीवन पर्यंत मुगलों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले महायोद्धा थे।घास की रोटी खाना उन्होंने स्वीकार किया मगर उन्होंने अकबर की पराधीनता नहीं स्वीकारी। वह समाज में आदर्श हैं। उनसे युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।
इसके बाद कवि अभय कुमार सिंह निर्मोही ने राणा के पराक्रम पर अपनी रचना प्रस्तुत की। विधायक अजय कुमार सिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र कि चर्चा करते हुए कहा कि वह अदम्य साहस व शौर्य के प्रतीक हैं।राष्ट्रप्रेम की भावना उनमें कूट कूट कर भरी थी।ताकतवर मुगल सेना को हल्दीघाटी के मैदान में अपने रण कौशल से लोहे के चने चबाने को मजबूर करने वाले महापराक्रमी राणा का जीवन अनुकरणीय है। क्षत्रिय समाज को एकजुट रहते हुए देश व समाज हित में आगे रहकर कार्य करते रहना होगा यही महायोद्धा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। संयोजक गिरजेश बहादुर सिंह ने आभार प्रदर्शनकिया। संचालन शिक्षिका मांडवी सिंह ने किया।
इस मौके पर पूर्व विधायक राना कृष्ण किंकर सिंह, महंत जय बक्स दास, विनय सिंह, सतीश सिंह, राम नरेश सिंह मंजुल, डेविड सिंह, अरविंद कुमार सिंह, बलराम सिंह, हरीश सिंह, सतेंद्र सिंह भोलू, अंतेश सिंह, संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।