6 फरवरी को रिहा हो हुए हैं घनश्याम शुक्ला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जमानत के बाद उन्हें 6 फरवरी की देर शाम जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। इसी दिन पुलिस ने न्यायालय में निलंबित नायब तहसीलदार के प्राथमिकी में दर्ज आरोपों की चार्जशीट दाखिल कर दी। इसे संज्ञान में लेते हुए सीजेएम कोर्ट के न्यायाधीश आशीष कुमार राय की अदालत ने घनश्याम शुक्ला को फिर 13 फरवरी को कोर्ट में तलब किया है।
पुलिस की ओर से दाखिल आरोपपत्र को न्यायालय ने सम्यक अवलोकन के बाद संज्ञान लिया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता संज्ञान पर आपत्ति दाखिल किया था, जिसे कोर्ट ने बलहीन मनाते हुए पुलिस के आरोपपत्र पर आरोपी घनश्याम शुक्ला को 13 फरवरी को कोर्ट में तलब किया है।
16 नवंबर को तहसील में तैनात एक महिला राजस्व अधिकारी ने तहरीर देकर तत्कालीन नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल पर 11-12 नवंबर की रात सरकारी आवास में जबरदस्ती घुसकर दुष्कर्म की कोशिश, गला दबाकर हत्या का प्रयास, मारपीट, अपशब्द कहने का आरोप लगाया था। 27 नवंबर 2023 काे कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। 71 दिन बाद उसे 6 फरवरी को हाईकोर्ट से जमानत के बाद रिहा किया गया।