बस्ती। जिला पूर्ति विभाग की जांच में एक साथ दो स्थानों से अनाज लिए जाने का खुलासा हुआ है। शासन से भेजी गई सूची में इस बात की पुष्टि होने और विभाग की ओर से कराई गई जांच में सही पाए जाने के बाद 2500 राशनकार्ड धारकों के नाम पोर्टल से हटाने की तैयारी चल रही है।
यही नहीं डीएसओ ने सभी पूर्ति निरीक्षकों को फिर से इसकी जांच करने के आदेश दिए हैं, और डुप्लीकेसी पाए जाने पर तत्काल पोर्टल से नाम हटाने को कहा गया है।
अलग-अलग महानगरों में रह कर ले रहे सरकारी राशन
जिले में मौजूदा समय में राशन कार्डधारकों की संख्या 4.27 लाख है। इनमें अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 89000 और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों की संख्या 3.38 लाख बताई गई है। बताते हैं कि जिले के तमाम लोग हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में रोजी रोजगार कर रहे हैं। कोरोना कॉल के दौरान वह लोग जब यहां आए थे तब उनके भोजन की जरूरत पूरी करने के लिए राशन कार्ड बनवाए गए, हालांकि तमाम ने अपने नाम तो हटवा लिए, मगर 2500 ऐसे लोग सत्यापन में सामने आए हैं, जो यहां भी राशन कार्ड बनवाए थे और अब दूसरे राज्य में रहते हुए वहां से राशन तो ले ही रहे हैं। यहां के कार्ड का उपयोग कर राशन उठा रहे हैं।
शासन स्तर पर बनाए गए पोर्टल पर खुली पोल
आईएमपीडीएस पोर्टल यानी इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट आफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर से यह मामला पकड़ा गया। इसके बाद ऐसे कार्ड धारकों की जांच कराने के लिए सूची डीएसओ कार्यालय को भेजी गई। डीएसओ सत्यवीर सिंह ने बताया कि जांच में करीब 2500 राशनकार्ड दो स्थानों से बने होने की पुष्टि होने के बाद इन सभी के नाम पोर्टल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसको लेकर सभी पूर्ति निरीक्षकों को निर्देश भी जारी किए गए हैं कि वह फिर से अपने यहां की सूची का सत्यापन कर लें। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि सभी पूर्ति निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में सत्यापन करने के लिए कहा गया है। जिससे वास्तविक पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जा सके।