कुशीनगर एक्सप्रेस की बोगी में घुसने के लिए लगी यात्रियों की लाइन।
बस्ती। गर्मी की छुट्टी हो चुकी है। यदि गर्मी में भी महानगरों व शिमला व मनाली के छुट्टियां मनाने का मन बना रहे हैं तो फिलहाल कार्यक्रम टाल दीजिए। इन दिनों ट्रेनों में आरक्षण मुश्किल नहीं नामुमकिन है। कई ट्रेनों में तो जून में भी नो रूम बताया जा रहा है, जबकि करीब दस ट्रेन में 15 जुलाई तक का आरक्षण फुल हो गया है। यही नहीं इन ट्रेनों में 200 से ऊपर की वेटिंग भी है। ऐसे में यदि कहीं जाना जरूरी ही है तो धक्के खाकर यात्रा करना मजबूरी होगी।
दूर तक की यात्रा के लिए सबसे बेहतर रेल मार्ग ही है। इसके चलते आरक्षण की भीड़ लगी रहती है। इन दिनों सभी की छुट्टी तो है ही लगन का भी सीजन है। ऐसे में ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। लखनऊ व गोरखपुर का आवागमन तो सड़क मार्ग से हो सकता है, मगर मुंबई दिल्ली, देहरादूर, शिमला व मनाली जाने के लिए लोग ट्रेन को उपयुक्त समझते हैं।
अपने स्टेशन से करीब एक दर्जन ट्रेन महानगरों की यात्रा कराती हैं। इनमें मुंबई व दिल्ली की ट्रेन महत्वपूर्ण है। मुंबई जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस, गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, दिल्ली जाने वाली गोरखधाम, पुणे जाने वाली गोरखपुर पुणे ट्रेन में नो रूम है। जून के बाद 15 जुलाई तक 200 से अधिक की वेटिंग चल रही है। इसी प्रकार दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण वैशाली एक्सप्रेस, सत्याग्रह, गोरखपुर देहरादून, काठगोदाम आदि ट्रेनों में 15 जुलाई के बाद का आरक्षण मिल रहा है।
बोले मुख्य आरक्षण सुपरवाइजर
सभी मुख्य ट्रेनों में आरक्षण फुल है। वेटिंग के अलावा कई ट्रेनों में नो रूम भी हो गया है। इन दिनों भीड़ बढ़ी है। छुट्टी में वैसे भी लोग घूमने टहलने के लिए हिल स्टेशन अथवा रिश्तेदारी में मुंबई व दिल्ली की खूब यात्रा करते हैं। सीजन के बाद आरक्षण मिलेगा, मगर अभी तो भीड़ है।
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