तापमान में वृद्धि होने से घट रहा गन्ने का वजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बभनान (बस्ती)। बभनान चीनी मिल परिक्षेत्र के किसानों का नकदी फसल गन्ना है। यहां के किसान अपने रकबे के आधे से अधिक हिस्से पर गन्ने की बुवाई करते हैं। बभनान चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू हुए चौथा महीना है, पर क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में बाहरी मजदूर गन्ना छिलाई के लिए नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते गन्ने की छिलाई का संकट खड़ा हो गया है।
बभनान क्षेत्र में अधिक रकबे में गन्ने की बुवाई होने के चलते यहां गन्ना छिलाई के लिए बिहार, पीलीभीत, खीरी-लखीमपुर, सीतापुर, नेपाल आदि स्थानों से मजदूर आते हैं। मौजूदा पेराई सत्र में बाहरी मजदूर इक्का-दुक्का जगह से ही आए हैं। जिन किसानों को गन्ने की पर्ची मिल जा रही है वह मजदूरों के अभाव में गन्ने की छिलाई नहीं करा पा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि बाहरी मजदूरों के न आने से जो किसान सिर्फ मजदूरों पर निर्भर हैं, उनमें से अधिकतर किसानों को स्थानीय मजदूरों पर निर्भर होकर छिलाई करना पड़ रहा है। स्थानीय मजदूर बाहरी मजदूरों के अपेक्षा गन्ने की कम छिलाई कर पाते हैं। तापमान में वृद्धि होने के नाते छीलने के दौरान ही गन्ने का वजन कम हो जा रहा है। इससे किसान को घाटा लगने की भी डर सता रहा है।
मार्च माह में जिस तरह दिन में धूप हो रही है बहुत देर तक किसान खेत में गन्ने की छिलाई नहीं कर पा रहा है। जो किसान खुद व परिवार के सदस्यों के साथ छिलाई कर रहा है। उसका गन्ना किसी तरह से चीनी मिल तक पहुच पा रहा है। चूकि अधिकांश किसान गन्ने की खेती किये है इस लिए लोकल मजदूरों की काफी कमी हो जाती है। कई किसान अभी भी मजदूर आने के इंतजार में हैं। किसान रमाकान्त मिश्र, राम दास, शिव बहादुर, देव कुमार, आदि किसानों का कहना है की तापमान वृद्धि होने से गन्ने का वजन कम होने का डर बढ़ रहा है। गन्ना विकास परिषद बभनान के वरिष्ठ निरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों को चाहिए कि वह गन्ने के खेत में नमी कम न होने दे। नियमित रूप से गन्ने की सिंचाई करते रहें। अप्रैल महीने में तापमान में ज्यादा वृद्धि होगी ऐसे में पहले से ही खेतों में नमी रखना किसानों के लिए लाभदायक है। उन्होंने बताया कि किसान जो गन्ना की छिलाई सुबह करते हैं उसे दोपहर तक ढक करके ही घर आए तो गन्ना सूखने से बच सकेगा।