ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में जिम्मेदार नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडेरवा। चीनी मिल मुंडेरवा में गन्ना ढुलाई में लगाए गए वाहन आए दिन पलट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान नही। जनवरी और फरवरी में ट्राला और ट्रेलर पलटने की पांच घटनाएं हो चुकी हैं। जिम्मेदार ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे है। सिर्फ नोटिस से काम चला रहे हैं।
52 गन्ना क्रय केंद्रों से गन्ना ढुलाई के लिए ठेकेदारों की ओर से ट्राला लगाए गए हैं। आरोप है कि कोई भी ट्राला गन्ना ढुलाई के लिए वैध नहीं है। यदि टेंडर की बात की जाय तो गन्ना ढोने के लिए ट्रक को परमिट मिला है। उसके बावजूद ओवरलोड ट्राला से गन्ने की ढुलाई की जा रही है। अधिकारी बताते हैं कि नोटिस दिया गया है । पेराई सत्र शुरू हुए साढे़ तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
जनवरी माह मे पहली घटना मुंडेरवा रेलवे क्राॅसिंग पर ट्राला से गन्ना गिरने की हुई। दूसरी घटना 13 जनवरी को देईसाड़ बाजार में ट्रेलर पलटने की हुई। इस हादसे में बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तीसरी घटना 22 जनवरी को मुंडेरवा कस्बे में ट्रेलर पलटने से हुआ था।
चौथी घटना में चीनी मिल गेट पर 26 जनवरी को ट्राला पलट गया। 29 जनवरी की देर रात हल्लौर बी से गन्ना लादकर आ रहा ट्राला कराहपिठिया मार्ग पर देवरी गांव के पास पलट गया था। मुख्य गन्ना प्रबंधक कुलदीप द्विवेदी ने कहा कि सभी को नोटिस दिया गया। ट्रक की परमिट पर ट्राला व ट्रेलर का संचालन अवैध है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।