तीन गुने दाम पर किताबें खरीद रहे विद्यार्थी
यूपी बोर्ड की किताब मुहैया कराने में शिक्षा विभाग को छूट रहा पसीना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यूपी बोर्ड की कक्षा नौ से इंटर तक की किताबें बाजार में न मिलने से विद्यार्थी परेशान हैं। जिन निजी प्रकाशकों ने कम दर पर किताबें उपलब्ध करने का दावा किया था, वे भी नाकाम साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि पूर्व के निजी प्रकाशक की किताबें तीन गुना अधिक दर पर विद्यार्थी खरीदने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार यूपी बोर्ड से संचालित माध्यमिक स्कूलों में सत्र 2022-23 में कक्षा नौ से इंटर तक की पाठ्य पुस्तकों के लिए तीन प्रकाशकों को अधिकृत किया गया है। बोर्ड के सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि अधिकृत मुद्रकों से वार्ता कर स्कूल में किताबों को स्टाल लगवाकर विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराएं, मगर शिक्षा विभाग का यह सपना अधूरा होता दिख रहा है। पंजीकृत प्रकाशकों ने मानक के अनुसार किताबें उपलब्ध कराई हैं। नतीजतन 90 फीसदी विद्यार्थियों को सस्ते दर पर किताबें नहीं मिल पाई हैं।
जिले में 382 विद्यालय यूपी बोर्ड से संचालित हैं। इनमें 23 राजकीय, 70 सहायता प्राप्त और 289 वित्तविहीन शामिल हैं। यूपी बोर्ड ने सत्र 2022-23 में कक्षा नौ से इंटर तक की पाठ्य पुस्तकों के लिए श्री कैलाश जी बुक्स आगरा, पीतांबरा बुक्स और डायनामिक टेक्स्ट बुक्स प्रिंटर्स झांसी को अधिकृत किया है।
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प्रकाशक उपलब्ध नहीं करा पा रहे किताब
पुस्तक विक्रेता अनिल गौतम ने बताया कि अधिकृत प्रकाशकों ने टेंडर हासिल करने के लिए कम दाम लगाकर टेंडर ले लिया, लेकिन नुकसान होने के कारण किताबों की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण निजी प्रकाशकों की किताबें महंगी बेचनी पड़ रही है।
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कोट
छात्र-छात्राओं को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध कराने के लिए शासन ने मुद्रकों को अधिकृत किया है। अगर बाजार में किताबें नहीं मिल रही हैं तो प्रकाशकों से वार्ता कर उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएस यादव, डीआईओएस