दुबौलिया। छुट्टा मवेशियों को पकड़ कर संरक्षित कराने के लिए प्रशासन 31 दिसंबर तक अभियान चला रहा है। मगर, इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। जिले के हर क्षेत्र में झुंड के झुंड छुट़्टा पशु घूम रहे हैं। यह खेतों में खड़ी फसलों के लेकर जान तक के दुश्मन बने हुए हैं, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहा है।
शासन का निर्देश है कि एक जनवरी से सड़क या खुले में कोई छुट्टा पशु न घूमे। इसके लिए प्रशासन से बकायदा हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत भी करा चुका है। इसके बावजूद यह प्रभावहीन दिख रहा है। किसान दीनानाथ चौधरी बताते हैं कि छुट्टा पशु फसल तबाह कर रहे हैं। फसलों की रखवाली के लिए पूरी रात जागना पड़ रहा है।
शुकुलपुरा निवासी प्रमोद शुक्ल बताते हैं कि छुट्टा पशु फसलों को चौपट कर रहे हैं। ब्लॉक पर शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
दुबौलिया के मुख्य चिकित्साधिकारी अजय कुमार गौड़ ने बताया कि अभियान चल रहा है। महीने भर में करीब 77 पशु पकड़कर गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित किए गए हैं। अन्य को पकड़ने के लिए क्षेत्र में टीम लगाई गई है।