पीएम आवास योजना में खेल, दूसरे के मकान का किया जियो टैग
जूनियर इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति, विभाग में मचा हड़कंप
डूडा के परियोजना अधिकारी की जांच में खुला मामला
बस्ती। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में गोलमाल का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि जिम्मेदारों ने बिना आवास निर्माण कराए ही दूसरे मकान का जियो टैग कर अपात्र के बैंक खाते में दो लाख पचास हजार रुपये भेज दिए। जबकि धरातल पर आवास की नींव तक नहीं खोदी गई है। यह खुलासा नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी की जांच में हुआ है। उन्होंने संबंधित जूनियर इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। इससे विभाग में हड़कंप मचा है।
आरोप है कि गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री आवास योजना कमाई का जरिया बन गई है। विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया है कि डूडा के अवर अभियंताओं ने बिना मकान निर्माण कराए ही अपात्र के खाते में दो किस्त की रकम भेज दी। जबकि एक मामले में अपात्र को नगर पालिका की जमीन दिखाकर पात्र बना दिया गया। जबकि वह शहरी क्षेत्र का रहने वाला ही नहीं है। एक ही परिवार में दो सदस्यों को आवास देने का मामला भी सामने आया है।
शिकायत के बाद जब डूडा के परियोजना अधिकारी उमाकांत वर्मा ने जांच की तो सच सामने आ गया। जांच में पाया गया कि ओरीजोत की लक्ष्मी पत्नी कन्हैया लाल को दो लाख रुपये की दो किस्त आवास के लिए दी गई, मगर उसके आवास से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित जगदीश के आवास की नींव का जियो टैग किया गया। पिकौरा बक्स मोहल्ले में शालू गुप्ता को आवास मिला है। प्रथम जियो टैग के बाद उसे पचास हजार रुपये की किस्त दी गई है। दूसरी किस्त के लिए जो निर्माण कार्य दिखाया गया वह शहर से पांच किमी दूर गौरा में है।
मोहल्ला रहमतगंज में शबीना पत्नी नूर मोहम्मद को भी आवास दिया गया है। जांच में पाया गया कि शबीना के पति नूर मोहम्मद को जनपद स्तरीय टीम ने पात्र घोषित किया है। नूर मोहम्मद के आवास का भी प्रथम जियो टैग किया गया है। इन्हें पूरा धन दे दिया गया, मगर जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दूसरे स्थान का फाउंडेशन दिखाकर जियो टैग किया गया है।
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कोट
जांच में संबंधित कंपनी क्रिएटिव कंसोर्टियम कंपनी व अवर अभियंताओं ने गलत ढंग से जियो टैग कर आवास योजना के धन की बंदरबांट की है। इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। अभी कुछ शिकायतों की जांच है। अन्य आवासों की जांच कराई जाएगी।
-उमाशंकर वर्मा, पीओ, डूडा