बस्ती। जिले के कप्तानगंज के परिवारपुर गांव निवासी राष्ट्रीय एथलीट सुनील सिंह गांव में ही खुद की एक एकड़ जमीन में खिलाड़ियों की नई पौधशाला तैयार कर रहे हैं। दो साल पहले से फलफूल रहे खेल की इस पौधशाला में करीब दो सौ बच्चे व युवा खेल का प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। युवाओं के प्रशिक्षण में एथलीट के साथ वाॅलीबाॅल, कबड्डी, हॉकी व बैडमिंटन जैसे कई खेल शामिल हैं।
ग्रामीणांचल की प्रतिभाओं को निखारने में जुटे सुनील की बगिया का एक खिलाडी हार्दिक शुक्ला पिछले साल सांई स्पोर्ट्स हाॅस्टल वाराणसी में चयनित हुआ है। इस युवा ने वाराणसी में हुई एथलीट प्रतियोगिता में चार सौ मीटर दौड़ में पहला स्थान प्राप्त किया।
कप्तानगंज ब्लॉक के परिवारपुर गांव निवासी किसान परिवार के सुनील सिंह (43) की पढ़ाई गांव के प्राथमिक विद्यालय में हुई। बचपन से ही इनका खेलों के प्रति लगाव था। औद्योगिक विकास इंटर कॉलेज बिहरा में 13 साल की उम्र में पहली बार जनपदीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मौका मिला तो उसमें सुनील ने बाजी मारी। यहां से उनका चयन मंडलीय प्रतियाेगिता के लिए हुआ। इंटर की पढ़ाई के बाद इनका चयन मदन मोहन मालवीय स्पोर्ट्स कॉलेज में हुआ। पढ़ाई पूरी करने के बाद 1998 में रांची में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में जेवलिंग थ्रो व गोला क्षेपण में दूसरे स्थान पर रहे।
1999 में हरियाणा बिहार अंडर-20 में जेवलिंग थ्रो में प्रथम विजेता रहे। उनकी जीत पर तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल बोरा ने इन्हें सम्मानित किया। वर्ष 2019 में जयपुर राजस्थान में
प्रतियोगिता के लिए उनका चयन हो गया। इंटर की पढ़ाई के बाद इनका चयन मदन मोहन मालवीय स्पोर्ट्स कॉलेज में पढ़ाई पूरी करने के बाद 1998 में रांची में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में जेवलिंग थ्रो गोला क्षेपण में दूसरे स्थान पर रहे। 1999 में हरियाणा बिहार अंडर-20 में जेवलिंग थ्रो में प्रथम विजेता रहे। वर्ष 2019 में जयपुर राजस्थान में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के गोला क्षेपण में गोल्ड मेडल लेकर प्रदेश का नाम राेशन किया।
इसके बाद वह गांव चले आए। यहां फरवरी 2020 से सुनील अपनी एक एकड़ जमीन में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतिभा निखारने के लिए तकरीबन 200 बच्चों को कई खेलों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
सुनील कहते हैं कि ग्रामीणांचल में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, मगर उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। उनकी इस प्रतिभा को निखार कर उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनाने की जिम्मेदारी हमने उठाई है। यदि सब में परिवारवारपुर के खिलाड़ी दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का डंका बजाएंगे।