बस्ती। नगर निकाय चुनाव में भाजपा को सपा ने करारी मात दी है। दस वर्ष से नगर पालिका की कुर्सी पर काबिज भाजपा को इस बार मुंह की खानी पड़ी। भाजपा प्रत्याशी सीमा खरे को सपा की नेहा वर्मा ने 11,472 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी। इस तरह नगर पालिका परिषद के इस अभेद्य किले को सपा ने ढहा दिया। परिणाम आते ही किसान पीजी कॉलेज में सपा की ओर से अबीर गुलाल उड़ने लगे।
भाजपा अपने अभेद्य दुर्ग को बचाने के साथ जीत की हैट्रिक लगाने की पूरी कोशिश में थी। सांसद हरीश द्विवेदी संगठन के साथ स्वयं पूरी ताकत झोंक दिए थे। लेकिन परिणाम इस बार उलट ही रहा। शनिवार की सुबह जब 8 बजे से मतगणना शुरू हुई तो पहले ही चक्र से समाजवादी पार्टी ने बढ़त बना ली। इसके बाद ज्यों-ज्यों परिणाम आता गया। सपा के वोटों का ग्राफ तेजी से बढ़ता गया। तीसरे चक्र तक आते-आते सपा ने 5 हजार से अधिक की बढ़त बना ली। इसके बाद वहां से भाजपा के लोग धीरे-धीरे खिसकने लगे। पांचवें व अंतिम राउंड में समाजवादी पार्टी ने 11472 वोटों की बढ़त बनाकर चुनाव जीत लिया।
भाजपा ने पहली बार 2012 में नगर पालिका को निर्दल प्रत्याशी से छीना था। तब निर्दल अशोक कुमार गुप्ता का इस सीट पर कब्जा था। वर्ष 2017 के नगर पालिका चुनाव में यह सीट फिर से भाजपा के खाते में गई, मगर तब कांग्रेस की प्रत्याशी रही नेहा वर्मा करीब 23 सौ मतों से पराजित हुई थीं। दस साल तक लगातार भाजपा नगर पालिका सीट पर काबिज रही, मगर इस चुनाव में उसे पराजय का सामना करना पड़ा। क्योंकि नेहा वर्मा इस बार सपा के टिकट से मैदान में उतरी थी।
यूं तो सपा को यह सीट नेहा ने दिलाई है क्योंकि नेहा के पति अंकुर वर्मा ने पूरे पांच साल में शहर के हर घर पर पहुंच कर लोगों के साथ खड़े हुए। इसका असर यह रहा कि टिकट मिलने से पहले सपा में शामिल हुए और जब टिकट की घोषणा हुई तो पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे। कुछ ने तो बागी होकर प्रत्याशिता भी दर्ज करा दी, मगर सामाजिक सरोकारों से जुड़े अंकुर को हर वर्ग ने अपना समर्थन व मत दिया। इसका परिणाम शनिवार को सामने आ गया। समाजवादी पार्टी की नेहा ने नगर पालिका सीट पर कब्जा कर लिया।