रोकटोक और दूसरी शादी न कराने से नाराज था बेटा
गांव के विपक्षी पर ही दर्ज कराया था नामजद केस, तफ्तीश में पलट गई कहानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। 15 दिन पहले खेत में सोए दुबौलिया थाना क्षेत्र के सांड़पुर निवासी 60 वर्षीय किसान बिहारी की हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। बिहारी का बेटा ही हत्यारोपी निकला। पुलिस के अनुसार, दूसरी शादी करने में रोड़ा बनने, शराब पीने से मना करने आदि की खुन्नस में उसने वारदात को अंजाम दिया। हत्यारोपी के भाई ने गांव के विपक्षी पर नामजद केस दर्ज कराया था। मगर, छानबीन में उसकी भूमिका नहीं पाई गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट भेज दिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने पुलिस लाइंस प्रेक्षागृह में प्रेसवार्ता के दौरान आरोपी राज कुमार से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, राज कुमार का कहना है कि उसके पिता बिहारी उससे जलन रखते थे। क्योंकि वह पिता के साथ उनके खेत में काम न करके दूसरे के खेत में मजदूरी करने जाता था। उसकी पत्नी वर्ष-2020 में छोड़ कर चली गई थी। वह पिता से दूसरी शादी करने के लिए कहता था, लेकिन वह मना कर देते थे। इसके बाद शराब पीने की लत लग गई। इसे लेकर भी वह काफी टोका-टाकी करते थे। इसे लेकर आए दिन लड़ाई-झगड़ा होता रहता था।
एएसपी ने बताया कि वारदात की रात में भी राज कुमार ने शराब पी रखी थी। इसे लेकर पिता-पुत्र में लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इसके उपरांत जब वह खेत में सोने चले गए तो घरवालों के सो जाने पर राज कुमार चुपके से खेत में जाकर उनके ही लाठी से उनके सिर पर मार दिया। चोट लगने पर जान बचाने के लिए उसके पिता बिहारी गन्ने के खेत की तरफ भागे। राज कुमार डर गया कि अब वह घर जाकर सभी बता देगें। इसलिए उसने उनके सिर पर पुनः लाठी से प्रहार कर दिया। इससे उनकी मृत्यु हो गई।
उसने शव को पुनः उनके बिस्तर पर रखकर ऊपर से कंबल डालकर वहां से चला गया था। अपने बचने के लिए पूर्व में चल रहे मुकदमों के विपक्षी पर संदेह जताते हुए अपने भाई से विपक्षी के विरुद्ध थाना दुबौलिया पर अभियोग पंजीकृत करवा दिया था। इस खुलासे में एसओ चंद्र कांत पांडेय, स्वाॅट प्रभारी उमाशंकर तिवारी व अन्य की भूमिका सराहनीय रही।
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यह थी घटना
10 जुलाई की रात सांडपुर गांव के बाहर बंटाई के खेत में धान की नर्सरी की रखवाली करने गए वृद्ध किसान की हत्या कर दी गई थी। 60 वर्षीय बिहारी गांव के ही श्याम सुंदर सिंह से बंटाई पर लिए खेत में धान की नर्सरी की रखवाली करने 10 जुलाई की रात करीब नौ बजे घर से खाना खाकर गए थे। सुबह बड़े भाई करीब सात बजे चाय ले कर आए। कई बार आवाज देने पर जब वह नहीं उठे तो चादर उठाकर देखा तो बिस्तर पर काफी मात्रा में खून पड़ा था। कनपटी पर किसी धारदार हथियार से हमले के निशान थे। चारपाई पर लिटाने के बाद शव को चद्दर से ढक दिया गया था।
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