प्रशिक्षण लेने तलिमनाडु जाएंगे 100 किसान, डीएम ने तैयार कराई कार्ययोजना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। केले की खेती के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने के लिए डीएम अंद्रा वामसी ने उद्यान विभाग से कार्ययोजना तैयार कराई है। इसे जल्द ही लागू करने पर प्रशासन विचार कर रहा है। करीब 100 हेक्टेयर भूमि पर केले की खेती की जानी है। एक हेक्टेयर केले की खेती से किसान छह से सात लाख रुपये सालाना कमाई कर सकते हैं।
पारंपरिक खेती से किसानों काे फायदा कम, नुकसान अधिक उठाना पड़ रहा है। पारंपरिक फसल की खेती में किसानों की कमाई भी अधिक नहीं है। कई बार लागत तक निकालनी मुश्किल हो जाती है। डीएम ने इस समस्या का हल निकाला है। उद्यान विभाग की मदद से तैयार कराई गई कार्ययोजना के अनुसार, वह जिले को केले का हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने निर्देश दे चुके हैं।
डीएम ने बताया कि केला उत्पादन पारंपरिक खेती से अधिक मुनाफा देने वाली है। एक हेक्टेयर धान, गन्ना व गेहूं की खेती से एक लाख रुपये निकाल पाना भी मुश्किल है। जबकि एक हेक्टेयर केले की खेती से छह से सात लाख रुपये आसानी से कमाए जा सकते हैं।
प्रशासन योजनाबद्ध तरीके से केले की खेती को बढ़ावा देगा। डीएम ने बताया कि खेती के लिए पहले 100 किसानों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय केला अनुसंधान केंद्र तिरूचिरापल्ली, तमिलनाडु भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें पौध देकर खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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जी-नौ प्रजाति के केले का होगा उत्पादन
डीएम ने बताया कि जिले की मिट्टी में जी-09 प्रजाति के केले की पौध के लिए मुफीद पाई गई है। इसी प्रजाति के पौधे किसानों को वितरित किए जाएंगे। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब 3086 पौधे लगेंगे। खुले बाजार में एक पौधे की कीमत 20 रुपये या इससे अधिक है, लेकिन इसे उद्यान विभाग की मदद से 17 रुपये में किसानों को दिया जाएगा। यह प्रजाति 12 से 15 महीने में फल देने लगती है। एक बार लगाने के बाद दो सालों तक फल लिया जा सकता है।