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Basti News: एसआईटी ने फिर से शुरू की केस की तफ्तीश

Fri, 04 Oct 2024 03:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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मोहित यादव हत्याकांड: कोतवाली के विवेचक से एसआईटी ने हासिल की सभी पत्रावली
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एसआईटी में शामिल हैं एक निरीक्षक और दो उपनिरीक्षक
12 मई को दिनदहाड़े अपहरण कर पीट-पीटकर की गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मोहित यादव का अपहरण कर हत्या करने के मामले की तफ्तीश तीन सदस्यीय एसआईटी को सौंप दी गई है। कोतवाली पुलिस की जांच पर परिवार के लोगों ने सवाल उठाए थे। आरोप लगाया जा रहा था कि विवेचक फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। साक्ष्य संकलन में भी खामी की शिकायत की थी। ऐसे में एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने एसआईटी गठित कर जांच का जिम्मा सौंप दिया है।
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय कुमार को इस टीम का मुखिया बनाया गया है। संजय ने बताया कि केस से संबंधित सभी पत्रावली कोतवाली के विवेचक से एसआईटी ने कब्जे में ले लिया है। साक्ष्य संकलन शुरू कर दिए गए हैं। केस में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहले से लगाई गई टीमें प्रयास करती रहेंगी। नई टीम केस को शुरुआत से लेकर अब तक के घटनाक्रम को सामने लाएगी।
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कोतवाली क्षेत्र के पिकौरा दत्तुराय मोहल्ले में अविनाश सिंह के मकान में किराये पर रहने वाले मोहित यादव की 12 मई को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े अपहरण के बाद हत्या के इस केस में मोहित के मकान मालिक ने पांच नामजद व अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मगर, सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर नाम बढ़कर 20 हो चुके हैं। इनमें सत्यम गुप्ता, पुलकित जैन, मो. आशिफ इद्रीशी, अमित सिंह, विपिन गुप्ता, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, प्रेरित पाल उर्फ गोरख, अनुद्राक्ष पांडेय, मोनू जायसवाल, अमन गुप्ता, करन जायसवाल, सादिक उर्फ सुद्दू के अलावा प्रतीक मिश्रा, विवेक पाल और आशुतोष पाठक आदि की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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कुआनो मथने के बावजूद नहीं मिला शव
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने यह कबूल किया था कि मोहित यादव की पिटाई के दौरान मौत हो गई है। मगर, उसके शव को कहां फेंका गया, इसकी पक्की जानकारी कोई नहीं दे पाया था। सभी यह कहते रहे कि इलहान, प्रिंस और अभिषेक ही अंतिम समय तक मोहित के साथ थे। वे लोग कुआनो में शव फेंकने की बात कहकर निकले थे, लेकिन किस जगह से शव फेंका गया इसका पता नहीं था। अनुमान के आधार पर चंगेरवा से बानपुर तक कई दिनों तक कुआनो नदी को एसडीआरएफ की टीम ने मथा, लेकिन शव का पता नहीं चल पाया। बाद में इलहान की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि चंगेरवा गांव से करीब एक किमी पश्चिम स्थित पुल के ऊपर से शव को नदी में फेंका गया था। पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद से कई दिनों तक तलाश की, लेकिन शव नहीं मिला था।
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