12 मई को दिन दहाड़े अपहरण कर पीट-पीटकर की गई थी मोहित की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मोहित यादव का अपहरण कर हत्या करने के मामले की तफ्तीश कर रही एसआईटी कुछ आरोपियों को रिमांड पर ले सकती है। केस में उलझे कुछ सवालों के जवाब ढूंढ रही एसआईटी टीम का कहना है कि अभी जांच की जा रही है। यदि जरूरी हुआ तो इसके लिए न्यायालय में अर्जी देकर रिमांड लेने का प्रयास किया जाएगा। किस बंदी का रिमांड लिया जाएगा, यह अभी तय नहीं है।
कोतवाली क्षेत्र से दिनदहाड़े अपहरण कर हत्या के मामले की तफ्तीश तीन सदस्यीय एसआईटी को सौंप दी गई है। कोतवाली पुलिस की जांच पर परिवार के लोगों ने सवाल उठाए थे। आरोप लगाए जा रहे थे कि विवेचक फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
साक्ष्य संकलन में भी खामी की शिकायत की थी। ऐसे में एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने एसआईटी गठित कर जांच का जिम्मा सौंप दिया है। केस में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहले से लगाई गई टीमें प्रयास करतीं रहेंगी। नई टीम केस को शुरुआत से लेकर अब तक के घटनाक्रम को सामने लाएगी।
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यह थी घटना
कोतवाली क्षेत्र के पिकौरा दत्तुराय मोहल्ले में अविनाश सिंह के मकान में किराये पर रहने वाले माेहित यादव की 12 मई को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े अपहरण के बाद हत्या के इस केस में मोहित के मकान मालिक ने पांच नामजद व अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मगर, सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर नाम बढ़कर 20 हो चुके हैं। इनमें सत्यम गुप्ता, पुलकित जैन , मो. आशिफ इद्रीशी, अमित सिंह, विपिन गुप्ता, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, प्रेरित पाल उर्फ गोरख, अनुद्राक्ष पांडेय, मोनू जायसवाल, अमन गुप्ता, करन जायसवाल, सादिक उर्फ सुद्दू के अलावा प्रतीक मिश्रा , विवेक पाल और आशुतोष पाठक आदि की गिरफ्तारी हो चुकी है।