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Basti News: स्नेह की डोर बांधकर बहनों ने की भाइयों की लंबी उम्र की कामना

Tue, 20 Aug 2024 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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भद्रा के चलते दोपहर बाद से शुरू हुआ राखी बांधने का सिलसिला
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दिनभर बाजार में रही चहल पहल, मंदिरों में हुआ पूजा-पाठ
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रक्षाबंधन पर्व पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेह की डोर बांधी तो भाइयों ने उनकी रक्षा का भरोसा दिया। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। वहीं उपहार की दुकानों पर भाई-बहन एक साथ खरीदारी करते देखे गए। रक्षाबंधन पर भाई-बहन दूर-दराज से खिंचे चले आए। मंदिरों में भी पूजा-पाठ कर बहनों ने भाई की लंबी आयु की प्रार्थना की।
सोमवार को दोपहर 1:30 बजे तक भद्रा रहा। इसके बाद 1:32 बजे से रक्षाबंधन बांधने का सिलसिला शुरू हुआ। शाम 6:25 बजे तक बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षाबंधन बांधा। राखी, चंदन, मिठाई, कुमकुम, दीपक सजाकर बहनें भाइयों के सामने पहुंचीं। नहा-धोकर पहले से तैयार भाइयों की कलाई को रंग-बिरंगी राखी से सजाया। एक-दूसरे को मिठाई खिलाई गई। भाइयों ने उपहार दिए। बहनों ने उनकी लिए लंबी आयु और समृद्धि की कामना की तो भाइयों ने बहन के लिए भी सुखमय जीवन की प्रार्थना की।
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रक्षाबंधन से पहले से ही बाजार में उपहार, मिठाई और राखी खरीदने के लिए भीड़ दुकानों पर लगी रही। त्योहार का महत्व इस बात से भी लगाया जा सकता है कि शहरी क्षेत्र में हर दस मीटर की दूरी पर राखी बेचने वालों की दुकानें सजी थीं। यही हाल मिठाई वाली दुकानों की भी रही। हर गली-मोहल्लों में मिठाई और राखी की दुकानों को देखा गया। सबसे अधिक उत्सुकता छोटे-छोटे भाई-बहनों में थी। रंग-बिरंगी पोशाक और हाथ में राखी बंधवा कर बच्चों ने खूब मौज-मस्ती की। बच्चों ने आइसक्रीम, चाकलेट की भी खूब खरीदारी की।
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जेल में भाइयों से मांगा अच्छा इंसान बनने का उपहार

जेल की दीवारें भी प्यार के इस त्योहार पर पसीज गईं। सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और लड़कियां अपने भाइयों को राखी बांधने जेल पहुंच गईं कि जेल प्रशासन को अपने नियमों में ढील देनी पड़ी। जेल अधीक्षक अंकेक्षिता श्रीवास्तव ने बताया कि राखी बांधने पहुंची किसी भी बहन को मायूस नहीं लौटने दिया गया। राखी बांधने के बाद से बहनें जेल की चहारदीवारी से खिलखिलाती हुईं बाहर निकल रही थीं। सुबह से ही जेल में महिलाओं की भारी भीड़ जुट गई थी। जेल के भीतर जाकर बहनों ने अपने भाई की कलाई में राखी बांधकर जल्द न्याय मिलने की दुआएं मांगीं। बहनों ने भाई की कुशल क्षेम पूछी और उनसे बुराइयों का त्याग कर अच्छा इंसान बनने का उपहार मांगा।
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