कटरिया चांदपुर तटबंध से सट कर बहती सरयू नदी की धारा
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर बुधवार से फिर बढ़ने लगा है। नदी लाल निशान छूने को आतुर है। जलस्तर बढ़ने से सरयू का पानी माझा क्षेत्र में फैलने लगा है। नदी का बढ़ता आकार देख ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। उन्हें बाढ़ के दौरान पलायन की चिंता सता रही है। दुबौलिया क्षेत्र के संवेदनशील आधा दर्जन गांवों के लोग पूरी रात जागना शुरू कर दिए है। ताकि बाढ़ पर नजर बनी रहे।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार खतरे के निशान 92.730 मीटर से महज 69 सेंटीमीटर नीचे 92.040 मीटर सरयू नदी प्रवाहित हो रही है। अभी जलस्तर बढ़ने के आसार और जताए जा रहे हैं। विभिन्न बैराजों से सरयू में 292054 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। गिरिजा बैराज से 137234, शारदा बैराज से 153054 व सरयू बैराज से 1236 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दुबौलिया क्षेत्र के अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया- चांदपुर पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक पानी का दबाव तटबंध पर बना हुआ है। दबाव कम करने के लिए जगह- जगह बोल्डर गिराए जा रहे है। गौरा- सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा गांव से लेकर दलपतपुर गांव तक 500 मीटर की दूरी में पानी का दबाव बना हुआ है। इसी तटबंध के पारा गांव के सामने पानी का तेज दबाव बना हुआ है, जबकि उक्त तटबंध के मोजपुर गांव के सामने निर्माणाधीन दो ठोकरों पर बोल्डर पिंचिंग का कार्य चल रहा है।
गौरा- सैफाबाद तटबंध के अवर अभियंता विजय प्रकाश ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है। तटबंध पर लगातार निगरानी की जा रही है। हालात सामान्य है, जबकि कटरिया- चांदपुर तटबंध और नदी के बीच बसे आधा दर्जन गांवों के लोग सहमे हुए हैं। उन्हें बाढ़ की चिंता फिर से सताने लगी है।