सिद्धार्थनगर। जिले में पराली जलाने पर अंकुश लगाने के लिए दो सीबीजी प्लांट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही संबंधित इकाइयों को फसल अवशेष उपलब्ध कराएं जाने के लिए कृषकों का लक्ष्य निर्धारित कर चयनित किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके लिए जिले में प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष दो एफपीओ का एग्रीग्रेटर रूप में कस्टम हॉयरिंग की स्थापना की जाएगी। यह जानकारी उप निदेशक कृषि राजेश कुमार ने देते हुए बताया कि इस सीबीजी प्लांट की स्थापना से पराली अवशेष को विभिन्न प्रक्रियाओं के तहत बायोगैस बनाया जाएगा। जिसका उपयोग वाहनों एवं अन्य औद्योगिक कार्यों में ईधन के रूप में किया जा सकता है। परियोजना की लागत 30 लाख है। 24 लाख रुपये विभाग द्वारा अनुदान दिया जाएगा।