बस्ती। गैर जमानती वारंट का तामिला कराने और कुर्की के न्यायालय के आदेेश की अवहेलना व गलत रिपोर्ट लगाने के आरोप सही पाए जाने पर आईजी आरके भारद्वाज ने दुबौलिया थाने के उपनिरीक्षक अलाउद्दीन खां को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही एसपी बस्ती को प्रकरण की जांच करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कलवारी थानाक्षेत्र के बहादुरपुर निवासी आफिया खातून ने 24 अप्रैल को आईजी को प्रार्थनापत्र दिया था। जिसमें उसने बताया था कि उसने दुबौलिया थानाक्षेत्र के बैरागल निवासी युनुस पर 2016 में कलवारी थाने में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। उसमें आरोपी की गिरफ्तारी न होने को न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया। जिसके तामीला के लिए दुबौलिया थाने को आदेश दिया गया। उस गैर जमानती वारंट को लेकर दुबौलिया थाने के बीट एसआई ने यह रिपोर्ट लगा दिया कि आरोपी घर पर नहीं रहता है। इस रिपोर्ट के बाद न्यायालय ने कुर्की का आदेश निर्गत किया। मगर बीट के एसआई ने कुर्की की नोटिस की कार्रवाई में हीलाहवाली की।
इस पर पीड़िता ने आईजी को प्रार्थना पत्र दिया कि आरोपी घर पर ही है मगर एसआई ने गलत रिपोर्ट लगा दी। आईजी ने अपने कार्यालय की टीम भेजकर मौके पर जांच कराई तो महिला की बात सही निकली। इससे नाराज आईजी ने तत्काल प्रभाव से हल्का के एसआई अलाउद्दीन को निलंबित कर दिया।
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तीनों जिले के एसपी को निर्देश
- यह प्रकरण सामने आने के बाद आईजी आरके भारद्वाज ने परिक्षेत्र के बस्ती, सिद्धार्थनगर न संतकबीरनगर के एसपी को निर्देश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि वे स्वयं न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के संबंध में समीक्षा कर लें। इसमें किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।