नाम इंग्लिश मीडियम स्कूल, और पढ़ाई उधार की किताबों से
जरूरत 54 हजार 451 की, पहुंचीं 4394 किताबें
बस्ती। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बच्चे किताब न होने से परेशान हैं। स्कूलों में जुलाई में किताब पहुंचाने का दावा किया गया था, मगर अब तक छह माह बीत चुके हैं और केवल 4394 किताबें ही आ सकी हैं। वह भी केवल एक विषय की।
ऐसे में बच्चे पिछले वर्ष की हिंदी माध्यम की किताबों को इधर-उधर से मांग कर पढ़ाई कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि डीएम द्वारा गठित टीम की ओर से किताबों का सत्यापन हो गया है। सोमवार को विद्यालयों में भेज दी जाएंगी और किताबों का वितरण शुरू हो जायेगा।
जिले में 169 परिषदीय इंग्लिश मीडियम स्कूल हैं। जिसमें लगभग दस हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। शासन की तरफ से विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। इस बार अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हुआ था, लेकिन अभी सभी बच्चों को नई किताबें नहीं उपलब्ध हो पाई हैं। पिछले साल की पुरानी किताबों को इकट्ठा कर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
शनिवार को जिले में नई किताबों की पहली खेप पहुंची, जिनमें केवल 4394 किताबें हैं। हालांकि जिले के इंग्लिश मीडियम के स्कूलों के लिए 54 हजार 451 किताबों की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी किताबें भी मिलेंगी।
पुस्तकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। मुख्यालय को रिमाइंडर भेजा गया है, जल्द ही सभी किताबें आ जाएंगी। इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए 4394 किताबे आईं हैं। सत्यापन हो चुका है। सोमवार को स्कूलों में पहुंच जाएंगी।
-इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए