- अब ह्रदय रोग व न्यूरो से संबंधित समस्या होने पर नहीं मिल रहा परामर्श
- जनपद की नौ सीएचसी पर खोले गए थे टेली मेडिसिन केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया (बस्ती)। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जनपद में नौ टेली मेडिसिन केंद्र खोले गए थे। अब सभी केंद्रों पर ताला लटक रहा है। क्योंकि सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से नियुक्त कर्मियों को करीब दस माह से मानदेय नहीं दिया गया। इसके चलते कर्मियों ने केंद्र बंद कर दिया।
यह केंद्र कभी ह्रदय व न्यूरो की जटिल बीमारियों के इलाज में सहायक माने जाते थे। हर्रैया सीएचसी पर स्थापित टेली मेडिसिन केंद्र पांच माह से बंद चल रहा है। इसी प्रकार के जिले के आठ और केंद्र सीएचसी परशुरामपुर, दुबौलिया, विक्रमजोत, गौर, कप्तानगंज, सांऊघाट व भानपुर बंद हैं। तमाम जटिल रोगों के इलाज में अग्रणी भूमिका निभाने वाले टेली केंद्र अधिकारियों की शिथिलता के चलते बंद हो गए। इन केंद्रों पर बड़ी संख्या में मरीज जटिल बीमारियां को लेकर बेहतर परामर्श लेने आते थे।
टेली मेडिसिन के माध्यम से ह्रदय रोग, न्यूरो, स्किन, यूरोलॉजी आदि के मरीजों को ऑनलाइन विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श मिलने के साथ दवाएं दी जाती थीं। लेकिन करीब पांच माह से सभी नौ केंद्रों पर ताला लटक रहा है। जानकारी के अनुसार, टेली मेडिसिन सेवा एक निजी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से संचालित की जाती थी। लेकिन कंपनी की ओर से केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर को 10 माह की मानदेय नहीं दी गई। इससे सभी ने केंद्र पर आना बंद कर दिया।
सीएचसी हर्रैया में तैनात ऑपरेटर भवानी ने बताया कि मानदेय नहीं मिलने से अब केंद्र संचालित करना मुश्किल हो गया है। आर्थिक संकट के कारण केंद्र पर आना जाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अब नहीं जाता हूं। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. बृजेश शुक्ला ने बताया कि टेली मेडिसिन सुविधा करीब पांच माह से बंद है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।