रुधौली में भी स्थापित होगा मल कीचड़ उपचार संयंत्र
- जलनिगम नगरीय ने शासन को भेजा दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव,
- मंडल मुख्यालय के बाद यह जिले का दूसरा होगा एफएसटीपी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के कुआनो नदी किनारे स्थित अमहट घाट पर स्थापित हो चुके एफएसटीपी (फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) यानी कि मल कीचड़ उपचार संयंत्र के बाद अब जिले के रुधौली नगर पंचायत में दूसरा एफएसटीपी भी स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए नगरीय जलनिगम के अभियंताओं ने तकरीबन दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इससे इस नगर पंचायत के लोगों को भी गंदगी से निजात मिल जाएगी और एफएसटीपी की सुविधा मिलने लगेगी।
अभी तक नगर निकायों में पुराने संसाधनों के जरिए निजी व सार्वजनिक शौचालयों से मल कीचड़ निकाल कर शहर व कस्बों से दूर खाली जगहों व नदियोें के किनारे निस्तारित किया जाता है। इससे जहां वायु प्रदूषण फैलता है, वहीं आसपास के लोग बीमार भी हो जाते हैं। मंडल मुख्यालय पर नपा प्रशासन के प्रस्ताव पर नगरीय जलनिगम के जरिए एफएसटीपी स्थापित हो चुका है। वहीं रुधौली नगर पंचायत के प्रस्ताव पर नगरीय जलनिगम ने एक और एफएसटीपी की स्थापना के लिए तकरीबन दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेज दिया है। यह जिले का दूसरा एफएसटीपी होगा।
नगरीय जलनिगम के सहायक अभियंता वीनस चौधरी के अनुसार यह प्लांट भी जिला मुख्यालय के एफएसटीपी की तर्ज पर बनेगा। सिर्फ जमीन का रकबा व सोलर पैनल की संख्या में कमी रहेगी। जिसके कारण लागत भी आधी हो गई है, जिससे रुधौली नगर पंचायत की लगभग 23 हजार की आबादी इसका लाभ आसानी से उठा सकेगी।
खाद व पानी का होगा सदुपयोग
नगरीय जलनिगम के अवर अभियंता विनय कुमार गुप्ता के अनुसार इस एफएसटीपी से नगर पंचायत की पूरी आबादी को गंदगी से राहत मिलेगी, वहीं इससे निकले खाद से किसानों की फसल लहलहाएंगी और पानी सें सिंचाई कर वह अपने खेतों की प्यास बुझा सकेंगे।
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स्वीकृति मिलते ही शुरू हो जाएगी प्रक्रिया
बस्ती-सिद्धार्थनगर के नगरीय जलनिगम के अधिशासी अभियंता रेहान फारुकी ने बताया कि रुधौली में एफएसटीपी की स्थापना के लिए तकरीबन दो करोड़ रुपये का आंगणन मुख्यालय के जरिए शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही एफएसटीपी के स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।