मुंडेरवा चीनी मिल परिसर में रहते थे उमारमण त्रिपाठी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/ मुंडेरवा। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में तैनात 55 वर्षीय अनुदेशक उमारमण त्रिपाठी का सदर कोतवाली के गड़गोड़िया मोड़ के पास नाले में शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को नाले से निकलवा कर जामा तलाशी ली। जेब में मिले आधार कार्ड से पहचान हुई। वह आईटीआई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भी थे। पोस्टमार्टम में पानी डूबने से मौत होने की पुष्टि हुई है।
मुंडेरवा निवासी उमारमण त्रिपाठी स्वा. रामानंद त्रिपाठी के पुत्र थे। इनके पिता पुरानी चीनी मिल मुंडेरवा में मंदिर के पुजारी थे और परिसर के अंदर ही जमीन लेकर घर बनवा कर दोनों पुत्र उमारमण और राधारमण उर्फ सुधीर त्रिपाठी परिवार के साथ रहते थे। उमा रमण आइटीआई में अनुदेशक पद पर तैनात थे। उनके छोटे भाई राधारमण लखनऊ में रहते हैं। घर पर उमारमण उनकी पत्नी तथा राधारमण की पत्नी तथा उनकी बुजुर्ग मां रहती हैं। उमारमण ड्यूटी करने के बाद घर आ जाते थे।
सोमवार को वह बस्ती आईटीआई गए थे। काफी देर तक घर प आने पर रात करीब नौ बजे पत्नी ने फोन किया। उन्होंने बताया कि बस्ती से निकल रहे हैं, अभी पहुंच जाएंगे। लोगों ने बहुत प्रयास किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बुधवार की सुबह उनका शव मिला। पोस्टमार्टम में पानी में डूबने से मौत की रिपोर्ट आई है। पेट और गले में नाले का कचरा-मिट्टी भरी हुई थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि फिसलकर नाले में गिरने के कारण मौत हुई होगी।