साइबर अपराध और सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी
जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को खुद की और समाज की सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। साइबर अपराध, बाल श्रम, बाल शोषण और मानव तस्करी जैसी घटनाओं से बचाव के लिए जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग क्लब का गठन किया जाएगा।
इन क्लबों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित कर ‘बाल प्रहरी’ की भूमिका के लिए तैयार किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों में क्लब गठित करने के साथ इसकी रिपोर्ट, फोटो और अन्य विवरण जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। क्लब से संबंधित जानकारी राज्य स्तरीय पोर्टल पर भी अपलोड की जाएगी।
विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिये होने वाली साइबर ठगी, फर्जी नौकरी और विवाह के झांसे, बाल श्रम, बाल शोषण और मानव तस्करी जैसी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के तरीके बताए जाएंगे। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि किसी संदिग्ध घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस या संबंधित एजेंसी को तत्काल सूचना कैसे दी जाए।
जिला विद्यालय निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत सभी विद्यालयों में क्लब का गठन कर योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन कराया जाएगा।
विशेष अभियान : क्लब की ओर से पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और विशेषज्ञों के सहयोग से जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें विद्यार्थियों को साइबर अपराध, बाल सुरक्षा, मानव तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों से बचाव के तरीके बताए जाएंगे।