संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज। थाना क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़िता ने मंगलवार की रात लखनऊ के डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया। डीजल उड़ेलकर आग लगा लेने से वह गंभीर रूप से झुलस गई थी।
एक अक्तूबर को हुई घटना के बाद से वह जिंदगी की जंग लड़ रही थी। पुलिस ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
ग्रामीणों की मानें तो किशोरी की मां की मौत के बाद आर्थिक तंगी के चलते उसका पिता मेहनत-मजदूरी करने के लिए सुबह ही कप्तानगंज कस्बे में आ जाता था। किशोरी घर पर अकेले रहती थी।
आरोप है कि एक अक्तूबर की शाम को किशोरी के साथ उसके प्रेमी शंकर गौड़ ने दुष्कर्म किया। विरोध करने के बाद उसके ऊपर डीजल उड़ेलकर आग लगा दी।
परिवार के लोग उसे इलाज के लिए सीएचसी कप्तानगंज ले गए। वहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल काॅलेज गोरखपुर रेफर कर दिया था।
नौ अक्तूबर को परिवार के लोग किशोरी को घर ले आए। 12 अक्तूबर को किशोरी के पिता ने कप्तानगंज थाने में तहरीर देकर केस दर्ज कराया।
इधर किशोरी की हालत अचानक बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग उसे मेडिकल कॉलेज कैली ले गए। डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था।
कप्तानगंज पुलिस ने आरोपी शंकर पर दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। इलाज के दौरान पीड़िता ने मंगलवार की देर रात लखनऊ में दम तोड़ दिया। इससे पूर्व पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दर्ज किया जा चुका था। कप्तानगंज पुलिस ने बुधवार को आरोपी शंकर को एकटेकवा पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। ु