लाल निशान से तीन मीटर नीचे बह रही नदी
डेढ़ किमी लंबे क्षेत्रफल में परकाेपाइन लगाकर कटान रोकने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/दुबौलिया। बारिश के बाद सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग सकते में आ गए हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, शनिवार से जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ है। दो दिनों में जलस्तर करीब 52 सेंटीमीटर बढ़ा है। हालांकि यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 3.03 मीटर नीचे हैं। रविवार को जलस्तर 89.7 मीटर रिकॉर्ड किया गय।
मानसून सक्रिय होते ही सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। हालांकि, प्रशासन बचाव कार्यों को तेजी से करा रहा है। तटबंधों की मरम्मत, बाढ़ के दौरान पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण, राहत शिविरों की व्यवस्था चल रही है। तटबंधों का मरम्मत कार्य लगभग पूरे होने के कगार पर हैं। बाढ़ खंड का दावा है कि तटबंधों पर रेन काट व रैट होल को दुरुस्त कर लिए गए हैं। कटान व अन्य बचाव कार्य के लिए बोल्डर पिचिंग, परकोपाइन व स्पर बनाए गए हैं। इस बार जलस्तर लाल निशान तक पहुंचने के बाद भी तटबंधों पर असर नहीं पड़ेगा।
उधर, अति संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर पर करीब डेढ़ किमी के दायरे में परकोपाइन लगाकर तटबंध को सुरक्षित किया गया है। खलवा गांव के सामने से लेकर बाढ़ चौकी के सामने तक तटबंध को सुरक्षित करने के लिए दो लेयर में परकोपाइन लगाई गई है। सरयू नदी इस स्थान पर करीब दो किमी के क्षेत्र में तटबंध से सट कर बहती है। बाढ़ के समय यहां स्थिति अति संवेदनशील हो जाती है। तटबंध पर 1.885 किमी व 2.050 किमी पर दो स्पर का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।
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सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरे व सीसीटीवी का इंतजाम
सुरक्षा के लिए बाढ़ खंड की ओर से गौरा सैफाबाद पर पारा व चांदपुर-कटरिया तटबंध पर खलवा गांव में एक-एक स्थाई चौकी बनाई गई है। इन चौकियों से 24 घंटे सीसीटीवी से स्थाई निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने पर पर ड्रोन कैमरे की मदद से तटबंध पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
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तटबंध विहीन गांवों में बढ़ेगी दिक्कतें
दुबौलिया व विक्रमजोत ब्लॉक के तमाम गांव आज भी तटबंध विहीन हैं। जब सरयू नदी का जलस्तर बढ़ता है तो इन गांवों के नागरिकों में खलबली मच जाती है। जानकारी के अनुसार, दुुबौलिया ब्लॉक के सुविका बाबू, टेढ़वा, देवरार गंगबरार का पुरवा, माझाकिता अव्वल और विक्रमजोत ब्लॉक के कल्याणपुर, लकड़ी, पकड़ी, संग्रामपुर, संदलपुर आदि गांव तटबंध विहीन हैं। इन गांवों के नागरिकों को इस बार भी बाढ़ की दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी।
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कोट
तटबंध पर सुरक्षा के सभी उपाय कर लिए गए हैं। दो स्परों का काम अंतिम चरण में है। तटबंध को पूरी तरह से सुरक्षित कर लिया गया है। अब जलस्तर बढ़ने पर भी खतरे जैसी स्थिति नहीं आनी चाहिए।
-जय सिंह, अवर अभियंता, बाढ़ खंड